UP crime: हाल ही में एक चौंकाने वाला मामला उत्तर प्रदेश के बिल्लौर से सामने आया है। यहां, ऊंची जाति के कुछ गांववाले एक दलित महिला की ज़मीन ज़बरदस्ती हड़पने की कोशिश कर रहे हैं और उसे अपनी ज़मीन देने के लिए मजबूर करने के लिए गाली-गलौज भी कर रहे हैं।
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दलित महिला को घेर कर उसके साथ अभ्रदता
मध्य प्रदेश और राजस्थान के बाद उत्तर प्रदेश ही ऐसा राज्य है जहां दलितों पर अत्याचार का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। इतना ही नहीं, ये अत्याचार सबसे ज़्यादा दलित महिलाओं के साथ होते हैं। वही जातिवादी आतंकवादी पहले से ही नहीं चाहते कि दलित आगे बढ़ें, भले ही वे किसी तरह थोड़ी सी ज़मीन पर गुज़ारा कर लें, लेकिन जातिवादी आतंकवादियों की बुरी नज़र उन पर भी पड़ती है। ताज़ा मामला बिल्लौर (Bilhaur) के अरौल गांव का है। दबंग लोगों ने पहले एक दलित आंगनवाड़ी वर्कर को उसकी ज़मीन पर कब्ज़ा करने की चेतावनी दी, लेकिन जब वह मान गई, तो उन्होंने उसे बीच सड़क पर घेर लिया और उसके साथ बुरा बर्ताव किया।
ज़मीन की नाप और वीडियोग्राफी शुरू की
वही मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकरी के मुताबिक पीड़िता ने बताया कि वो दलित आंगनवाड़ी में काम करती है और हाईवे के पास उसके बाप दादा की पुरानी थोड़ी सी जमीन थी। जहां पीड़ित के परिवार मवेशी बांधते है और टिनशेड बनाया हुआ है साथ ही समर सिबेल लगा हुआ है। लेकिन उसके ही पड़ोस में रहने वाले गुरु नारायण और दिलीप कटियार ने अंनतराम के साथ मिलकर उसकी जमीन को नापना और वीडियो ग्राफी शुरू कर दी।
विरोध करने पर महिला को दी गलियां
पीड़िता ने इसका विरोध किया तो वो उसके सतह गाली गलौच करने लगे और उसे अगवा करवा देने की धमकी भी दी। जिसके तुरंत आरोपी पक्ष की तरफ से ईंट पत्थर से पथराव भी शुरू कर दिया। अब पीड़िता जब भी काम पर जाती है तो आरोपी के गुंडे उसे तंग करते है। हैरानी की बात है कि पीड़िता ने पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराने की भी कोशिश की लेकिन पुलिस ने कोई कार्यवाही ही नहीं की।
हालांकि एसीपी (SP) अंकिता कुमार ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके अब जांच शुरू कर दी गई है। लेकिन फिर भी पीड़िता का परिवार डर के साये में जीने पर मजबूर है। ऐसे में देखना ये होगा कि क्या पुलिस जांच के बाद आरोपी गिरफ्त में होंगे या पीड़ितों को ही गांव छोड़ना पड़ेगा। वही पुलिस ने पीड़िता को हर मुमकिन सहायता देने का वादा किया है।



