Barnala news: हाल ही में पंजाब के बरनाला से चौकाने वाली खबर सामने आई है, जहां दलित सफाई कर्मचारियों के साथ पुलिस की बदसलूकी और लाठीचार्ज के खिलाफ अब लोग सड़कों पर उतर आ आए है। वही पीड़िता को न्याय दिलाने को लेकर होशियारपुर (Hosiyarpur) से 30 जुलाई को दलित संगठनों ने पंजाब बंद कर दिया।
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दलित मजदूरों पर हमले के खिलाफ पंजाब बंद
पंजाब के बरनाला (Barnala) में सफाई कर्मचारियों पर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में 30 जुलाई 2026 को पंजाब सफाई सेवक यूनियन (Punjab Safai Sevak Union) द्वारा बुलाए गए और समाज ने बाजार, स्कूल, कॉलेज, मॉल और अन्य संस्थानों को बंद रखने की अपील की है। लुधियाना, बठिंडा, होशियारपुर, फाजिल्का, कपूरथला, अमृतसर, पटियाला, पठानकोट और गुरदासपुर की विभिन्न संस्थाओं ने बंद को समर्थन दिया है। जिसे राज्य के कई जिलों में बड़ा असर पड़ा। गौरतलब है कि बरनाला (Barnala) में 20 जुलाई 2026 को सफाई कर्मचारियों ने अपनी नौकरियों को पक्का करने और सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल और प्रदर्शन शुरू कर दिया था, लेकिन पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज कर दिया।
दलित संगठनो ने व्यापक आंदोलन शुरू किया
जिसमें कई मजदूरों और महिलो को गंभीर चोटें आई है। लेकिन इतनी बड़ी घटना होने के बाद सरकार की अनदेखी देखते हुए पीड़ितों के साथ हुई इस वीभत्स घटना को लेकर सफाई सेवक यूनियनों, श्री गुरु रविदास सभाओं, डॉ. बी.आर. आंबेडकर सभाओं और भगवान वाल्मीकि सभाओं ने एकजुटता दिखाते हुए व्यापक आंदोलन शुरू कर दिया है। इस हड़ताल को संत समाज, संत मलकीत नाथ जी, डॉ. बी.आर. अंबेडकर भलाई मंच और कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों का समर्थन है। उन्होंने अमृतसर के दुकानदारों, उद्योगपतियों और आम जनता से अपील की है कि वे इस हड़ताल को सफल बनाने में सहयोग करें और न्याय की इस लड़ाई में समुदाय के साथ खड़े हों। इसके अलवा इमरजेंसी सुविधाए सुचारू रूप से चालू थी।
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पुलिसवालों को लेकर जानबूझ कर ढिलाई कर रही सरकार
वही इस हड़ताल को लेकर संगठनो की केवल एक ही मांग है कि बरनाला में जो भी हुआ उसके जिम्मेदार डीएसपी सतबीर सिंह बैंस (DSP Satbir Singh Bains) और इंस्पेक्टर एसएचओ लखविंदर सिंह (Inspector SHO Lakhwinder Singh) को तुरंत बर्खास्त किया जाए। साथ ही पीड़ित मजदूरों की स्थिति देखने के बाद उसपर उनके खिलाफ धारा 307 (हत्या के प्रयास) का मामला भी चलाया जाए। हालांकि अभी तक सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। अब सवाल ये है कि क्या सरकार पुलिस वालों को लेकर जानबूझ कर ढिलाई कर रही है।



