UP Crime: हाल ही में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से चौकाने वाला मामला सामने आया है, जहां केवल गलती से टच होने पर दबंगों ने दो दलित भाइयों के साथ न केवल जातिगत उत्पीड़न किया बल्कि उनके साथ मारपीट भी की। इतना ही नहीं जब उन्होंने इस बात का विरोध किया तो उन्हें जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया गया।
दलित भाइयो के साथ जानबूझकर मारपीट
हमने अक्सर छोटी-छोटी बातों—जैसे गाड़ी पार्क करने, रास्ते के अधिकार, मामूली बहस या निजी लेन-देन—को लेकर लोगों के बीच झगड़े होते देखे हैं। लेकिन तब क्या होता है जब बिना किसी वजह के दलितों को निशाना बनाया जाता है और उन पर शारीरिक हमला किया जाता है? एस ही एक मामला गाजियाबाद (Ghaziabad) के मोदीनगर थाना क्षेत्र (Modinagar police station area) के तिबड़ा गांव (Tibda Village) की है। दरअसल, पीड़ित के मुताबिक वो और उसका भाई किसी काम को लेकर पंचायत भवन गए थे, जहां गांव का ही एक ऊंची जाति का युवक जानबूझ कर उसके कंधे से टकरा गया, जिसके बाद उसने पीड़ित के साथ लड़ाई शुरू कर दी।
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लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला
इस दौरान आरोपी के कुछ साथी भी वहां पहुंच गए, लेकिन पीड़ित ने आरोपी की बातों का विरोध किया तो उन लोगो ने पंचायत भवन में ही मारपीट शुरू कर दी। यहां तक कि बीच-बचाव करने आए पीड़ित के भाई पर भी लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में दोनों को काफी गंभीर चोटें आई है। वहीं पीड़ित के भाई की हालत गंभीर है और उसे निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। वहीं पुलिस ने भी तहरीर और मेडिकल के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वही इस मामले में पुलिस ने दलित समुदाय के खिलाफ लक्षित हिंसा के आरोपों पर SC/ST एक्ट की कठोर धाराएं जोड़ी हैं। इसके अलवा पुलिस ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द आरोपी गिरफ्त में होंगे।



