क्या गौतम बुद्ध ही हैं भगवान विष्णु के नौवें अवतार? जानें धार्मिक और ऐतिहासिक सच – Vishnu Dashavatara

Vishnu and Gautam buddha
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Vishnu Dashavatara: हिंदू धर्म में चार .युगो को मान्यता दी गई है.. जिसमें से तीन 3 युग, सतयुग, त्रेता युग, द्वापर युग, बीते चुके है और अभी कलियुग चल रहा है.. कहा जाता है कि जब कलियुग अपने चरम पर होगा, तब त्रिदेवों में से एक पालनकर्ता श्री हरि विष्णु अपने अंतिम और दसवें अवतार कल्कि अवतार में फिर से धरती पर आयेंगे औऱ कलियुग का अंत करेंगे। हालांकि ये सारी बातें धर्म ग्रंथो में ही लिखी हुई है। कल्कि अवतार विष्णु का दसवां अवतार होगा..लेकिन जहां विष्णु के सभी अवतारों पर काफी चर्चा होती है वहीं उनके नौवें अवतार को लेकर बातें कम की जाती है। ये अवतार था बुद्ध का.. एक तरफ बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध जिन्हें शाक्य मुनि कहा जाता है, उनके ज्ञान ने आज संसार को एक नई चेतना दी। तो वहीं विष्णु के नौवें अवतार को लेकर ये धारणायें है कि उन्होंन संसार से राक्षसो का विनाश करने के लिए बुद्ध अवतार लिया था। लेकिन सच क्या है…क्या सच में दोनो बुद्ध एक ही है.. क्या बुद्ध ही विष्णु है.. अपने इस लेख में इस सच को जानने की कोशिश करेंगे कि बुद्ध की विष्णु है या नहीं।

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बुद्ध ही विष्णु है?

गौतम बुद्ध के विष्णु अवतार होने के पीछे इतिहासकारों को अलग अलग धारनायें है। श्रीमदभागवतमहापुराणम ग्रंथ के प्रथम स्कंद के अध्याय 6 के श्लोक 24 के अनुसार विष्णु के नौवे अवतार भगवान बुद्ध बिहार के कीकट नाम के क्षेत्र में अंजना औऱ हेमसदन के पुत्र के रूप में जन्म लेंगे। कीकट असल में आज का बोधगया ही है। लेकिन भगवान बुद्ध का जन्म पौष महीने की शुक्ल पक्ष की सप्तमी हुआ था। और वो संसार में राक्षसो द्वारा वेदों औऱ पुरानो के दुरुपयोग को रोकने और राक्षणो का सर्वनाश करने के लिए धरती पर आये थे। लेकिन जब हम शाक्य मुनि गौतम बुद्ध की बात करते है तो उनका जन्म वैशाख महीने की पूर्णिमा को नेपाल के पास लुम्बिनी नाम की जगह पर हुआ था।

उनके पिता कपिलवस्तु के राजा शुद्दोधन थे तो वहीं उनकी माता का नाम महामाया था। नौवे अवतार विष्णु का जिक्र कई पुराणों जिसमें भविष्यपुराण और अग्निपुराण शामिल है.. वहां मिलता है। लेकिन जब आप शाक्य मुनि बुद्ध के पूरे 80 साल के जीवन को देखते है तो वो तो हमेशा एक चींटी को भी मारने से बचते थे। उनका चरित्र सदैव लोगो को करूणा दिखाने वाला था, अहिंसा वाला था, जबकि विष्णु अवतार बुद्ध तो धरती पर आये ही इसलिए थे कि वो उन राक्षसों का अंत कर सकें जिन्होंने वेदों, यज्ञों और मंत्रों, का दुरूपयोग किया था।

भगवान बुद्ध ने संसार में शांति का मार्ग बताया

उन्होंने उन राक्षसो को राक्षसी प्रवृति से आजाद कराया था.. कहा तो ये भी जाता है कि भगवान बुद्ध ने मानवता को बचाने के लिए मनुष्यों को हिंसा औऱ अधर्म के रास्ते पर रोकने के लिए उनका मार्गदर्शक किया था। भगवान बुद्ध ने संसार में शांति का मार्ग बताया था.. वो आत्मज्ञान पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करते थे और मध्य मार्ग को चुनने के लिए प्रेरित किया था। और शायद इसलिए दोनो बुद्ध को एक कह दिया दाता है, लेकिन कहीं भी ये नहीं लिखा कि भगवान बुद्ध ने गौतम बुद्ध की तरर एक राजकुमार का जीवन जिया, उन्होंने अपनी पत्नी औऱ बेटे, और पूरे राजसी ठाठबाठ को त्याग दिया.. और पहले दर दर भटके… तब जाकर वो बोधगया पहुंचे जहां उन्होंने 6 सालो तक बोधि वृक्ष के नीचे तप किया और 6 सालो के तप के बाद उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ। लेकिन भगवान बुद्ध को लेकर कहीं भी ये नहीं कहा गया कि वो राजकुमार थे, या उन्होंने कभी गृह त्याग किया.. या उन्होंने तप किया हो.. जाहिर है वो विष्णु अवतार थे तो उनका आत्मिक ज्ञान जन्म से ही परिपूर्ण होगा। वो एक मकसद के साथ ही संसार में आये थे। लेकिन गौतम बुद्ध को अपना मकसद जीवन के करीब ढाई दशक बीतने के बाद मिला था।

शाक्य मुनि गौतम बुद्ध विष्णु नहीं है

वहीं गौतम बुद्ध ने संसार में जो प्रकाश फैलाया, उसकी कई लिखित धर्म ग्रंथ मिलते है। उनके अवशेष मिलते है। बुद्ध की भाषा पाली थी.. उनके धर्मग्रंथो की बातें हिंदू धर्म ग्रंथ से बिल्कुल अलग थी। वहीं उन्होंने समातन धर्म को नहीं बल्कि एक नए धर्म को स्थापित किया था.. जो सनातन से बिल्कुल अलग था.. न तो उनकी विचारधारा समान थी और न ही उनकी साधना.. इसीलिए अगर ये सवाल उठता है कि दोनो ही बुद्ध सेम थे या नहीं.. तो आप कह सकते है कि दोनो बुद्ध सेम नहीं थे। ऐसे बहुत से साक्ष्य है जो गौतम बुद्ध को भगवान बुद्ध से अलग करते है। इसलिए भगवान बुद्ध को विष्णु है, लेकिन बौद्ध धर्म की स्थापना करने वाले शाक्य मुनि गौतम बुद्ध विष्णु नहीं है। आपकी इस पर क्या राय है हमें कमेंट करके जरूर बतायें। क्या आपको भी लगता है कि गौतम बुद्ध औऱ विष्णु अवतार भगवान बुद्ध एक ही नही हो सकते है। दोनो पूरी तरह से अलग अलग समय के, अलग अलग माता पिता की संतान है। दोनो पूरे तरह से अलग है।

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