Top 5 Dalit News: मध्य प्रदेश में दलित की कस्टडी में मौत, मारपीट के बाद पीड़ित को दिया गया जहर

Caste discrimation, Top 5 Dalits new
Source: Google

Top 5 Dalit News: भले ही दलितों के मसीहा कहे जाने वाले बाबा साहब अबेंडकर के जयंति को पूरा देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में समानता और सम्मान दिवस के रूप में मनाया जा रहा है, लेकिन क्या वाकई में इस वक्त आप दलितो के प्रति समानता महसूस करते है, जिस तरह के हालात इस वक्त है, उससे उन्हें सम्मान तक नहीं मिल रहा है समानत तो बहुत दूर की बात है। तो चलिए इस लेख में आपको पिछले 24 घंटे दलितो के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बताएंगे जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी वायरल है।

बुलंदशहर के डीएसपी के खिलाफ भीम आर्मी चीफ

1, ऐसा लगता है कि जैसे बाबा साहब जैसे महापुरूषों की जयंति अब केवल राजनीति रोटियां सेंकने का एजेंडा मात्र ही बन गई है। एक तरफ बीजेपी बाबा साहब के सम्मान में बड़े कार्यक्रम करने का दावा कर रही है तो वहीं दलित और पिछले संगठनो को सरकार ने इजाजत तक नहीं दी है। उनका कहना है कि इससे सामाजिक सौहार्द खराब हो जायेगा.. इतना ही बुलंदशहर के डीएसपी ने सीधे चेतावनी दी है कि अगर बाबा साहब के जंयति के मौके पर किसी भी तरह की जातिसूचक गाने बजेंगे तो वो सबकी बैंड बजा देंगे।

उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि किसी जाति को टारगेट करने वाला गाना न बजाये, लेकिन वहीं एक वीडियों और भी सामने आया है जहां प्रोग्राम के लिए केवल बांस लेने गए दो दलित युवको को जातिवादी आतंकियों ने बांध कर बुरी तरह से पीटा.. बाबा साहब का अपमान किया जा रहा है.. फिर भला किस बात की समानता.. किस बात का सम्मान… वहीं डीएसपी के बयान को लेकर भीम आर्मी चीफ ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए पूछा कि ये सख्ती बीजेपी और दूसरे समाज के लोगो के कार्यक्रमों में कहां चली जाती है।

केवल बाबा साहब की जयंति के मौको पर ही ये नए नियम कहां से आ जाते है.. मुद्दा साफ है.. जातिवादी दबंग कभी नहीं चाहते थे कि बाबा साहब का सम्मान हो, दलित भी खुशियां मनाये,, अपनी ताकत को समझे। और जब अल्पसंख्यकों के खिलाफ दलितो के खिलाश हिंसक गाने चलाये जाते है तब डीएसपी कहां चले गए थे, आजाद ने कहा कि वो भी मानते है कि किसी विशेष वर्ग को टारगेट नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन ऑर्डर अभी क्यों लागू हो रहा है, क्योंकि अब दलित समाज मनुवाद पर तीखा हमला कर देता है। बता दें कि सरकार ने पहले ही सैकड़ों कार्यक्रमों को करने की नामंजूरी दे दी है। ऐसे में सरकार की मंशा पर भी सवाल उठने लगे है। आजाद की बात से आप कितना सहमत है हमें कमेंट करके जरूर बतायें।

मध्य प्रदेश में दलित की कस्टडी में मौत

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला मध्य प्रदेश के छत्तरपुर से है, जहां पुलिस की बर्बरता का मामला फिर से सामने आया है, इस बार न केवल एक दलित को पुलिस कस्टडी में टॉर्चर किया गया, बल्कि उसे कथित तौर पर जहर देकर उसकी हत्या करने का भी मामला सामने आया है। ये घटना छत्तरपुर के चंदला थाना क्षेत्र के नाहरपुर गांव की है, मृतक राम विशाल की पत्नी ने दावा किया है कि वो लोग एक घरेलू विवाद सुलझाने पुलिस स्टेशन गए हुए थे,

लेकिन वहां पुलिस वालों ने उल्टा उनके पति को जबरन पकड़ कर रखा, उनके साथ मारपीट की.. औऱ इससे उनकी हालात खराब हो गई तो वो लोग मृतक के खुद जहर खाकर आत्महत्या करने की बात कर रहे है। पीड़िता ने बताया कि उसने अपने पति से कई बार मिलने की कोशिश भी की लेकिन उसे मिलने नहीं दिया गया और फिर बाद में जब मृतक की हालत गंभीर हुई तो आनन फानन में अस्पताल ले गए लेकिन पत्नी की गोद में ही उसने दम तोड़ दिया।

इन मामले के सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने तुरंत चंदला स्टेशन इंचार्ज, संदीप दीक्षित को निलंबित कर दिया और निष्पक्ष जांच के भा आदेश दिये है। वहीं पीड़ित परिवार को भी आश्वासन दिया है कि उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।

दलितों ने नेताओं को सबक सिखाने की ठानी

3, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर से है, जहां दलित बस्ती की हालत इतनी बद से बदतर हो चुकी है कि दलिय समुदाय ने ऐलान कर दिया है कि अब यहां आने वाले नेता कीचड़ घुस कर अंबेडकर जयंति मनायेंगे। ये खबर कानपुर शहर की किदवई नगर के जूही सब्जी मंडी में बबुरिया तालाब के पास की है, जहां बाबा साहब की मूर्ती लगा पूरा पार्क गंदे पानी से लबालब भरा हुआ है, और बीच तालाब में करीब 25 साल से बाबा साहब की मूर्ति लगी है..

जिसे हर साल नेता आकर माला चढ़ाते है लेकिन इस बार यहां की स्थिति बेहद दयनीय है।वहीं यहां आसपास रहने वाले करीब 1000 दलित परिवारों ने कई बार इस पार्क की सफाई की अर्जी भी दी है, लेकिन अधिकारियें के कानो पर जूं तक नहीं रेंगी। जिससे स्थानिय लोगो ने नेताओं पर अपना रोष जताते हुए कहा कि इस बार जो भी नेता आयेगा वो इसी कीचड़ में माला अर्पण करेगा।

वैसे दलितों का गुस्सा जाहिर भी है, क्योंकि ये नेता केवल वोट मांगने आते है, लेकिन फिर पूरे समय गायब रहते है। देखना ये होगा कि अधिकारियों और मंत्रियों की इन अनदेखी के बाद जनता ने तो तरीका उन्हें सबक सिखाने लिए अपनाया है इससे सरकार की नींद खुलती है या नहीं।

बाबा साहब की जयंति के मौके पर दलित के साथ बर्बरता

4, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के नवाबगंज थाना क्षेत्र से है, जहां बाबा साहब की जयंति के मौके पर उनका पोस्टर लगाना एक दलित व्यक्ति को काफी भारी पड़ी.. ये घटना नवाबगंज थाना क्षेत्र पयासीपुर गांव का है, पीड़ित दयाशंकर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है जिसमें वो बुरी तरह से घायल अवस्था में है। पीड़ित ने बताया कि वो बाबा साहब की जयंति के मौके पर केवल बाबा साहब के पोस्टर लगा रहा था, लेकिन तभी गांव के ही अनुज मिश्रा और दीपू मिश्रा आ गए और पोस्टर को फाड़ना शुरु कर दिया।

इतना ही नहीं जब पीड़ित ने इसका विरोध किया तो उसे गंदी गंदी गालियां देते हुए बुरी तरह से पीटा। हैरानी की बात है कि इतनी बुरी तरह से घायल होने के बाद भी अब तक पुलिस ने किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया है। केवल जांच जारी है, आरोपियो की तलाश जारी है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि अब तक जातिगत भेदभाव के चलते प्रताड़ित किया जाता रहा था, लेकिन अब तो अपने मसीहा को सम्मान देने के लिए भी लगता है कि मनुवादियों की परमशिन लेनी पड़ेगी।

ऐसा लगता है कि जैसे सामाजिक बराबरी मिलना तो दूर जैसे हालात अब बन रहे है..सांस लेने के लिए भी दलितों को मनिवादियों से परमिशन लेनी पड़ेगी.. नहीं तो कानून और संविधान का तो इनकी नजरो में कोई सम्मान है ही नहीं.. आपकी क्या राय है हमें कमेंट करके जरूर बतायें।

अवैध खनन माफिया ने सपा नेता समेत दलित को पीटा

5, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के सोनभद्र से है। आपने अक्सर ताकतवर लोगो की लड़ाई में कमजोरो की बलि चढ़ते सुना होगा.. कुछ ऐसा ही मामला देखने को मिला चोपन थाना क्षेत्र के मीतापुर गांव में… जहां अवैध खनन माफियाओं ने पुरानी दुश्मनी निकालने के लिए सपा के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल कुमार यादव और उनके भाई को तो निशाना बनाया ही.. उनके साथ सालो से काम कर रहे दलित युवक  देवनारायण उर्फ पप्पू कोल को भी नहीं बख्शा।

आरोपियों ने दलित युवक के साथ जातिसूचक गालियां देते हुए बुरी तरह से मारपीट की.. जिसकी तहरीर पीड़ित दलित युवक ने दी है। इतना ही नहीं उसने ये बी बताया कि माफिया के लोग राजेंद्र यादव को जबरन उठाने की कोशिश भी की थी, लेकिन दलित युवक के विरोध से नाराज हुए आरोपियों ने लाठी-डंडे और जानलेवा हथियार से हमला कर दिया… पीड़ित की तहरीर के आधार पर जांच शुरु कर दी गई है। लेकिन किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं पुलिस ने दलित उत्पीड़न को लेकर कोई सफाई पेश नहीं की है.. ऐसे में ये देखना होगा कि एक ताकतवर व्यक्ति का नाम सामने आने से क्या दलित युवक को जल्द न्याय मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *