मासूम के साथ दुर्व्यवहार आरोपी पुजारी के समर्थन में सवर्ण समाज; पुलिस दफ्तर के बाहर पढ़ा हनुमान चालीसा

Saharanpur News, Caste discriminate with Dalit Girl
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Saharanpur news: हाल ही में, उत्तर प्रदेश से एक हैरान और परेशान करने वाली खबर सामने आई है। आरोप है कि एक मंदिर के पुजारी ने एक दलित बच्ची के साथ दुर्व्यवहार किया और, इसके अलावा, जातिसूचक गालियों का इस्तेमाल करके उसे अपमानित भी किया। इस घटना के बाद, पुजारी के लिए सज़ा की मांग करने के बजाय, लोग पुजारी सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। वही इस घटना का एक विडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

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दलित मासूम के साथ पंडित ने किया दुर्व्यवहार 

उत्तर प्रदेश (UP) के सहारनपुर (Saharanpur) की एक घटना जो पिछले कुछ दिनों से काफी सुर्खियों में है, लेकिन दिल को झकझोर देने वाली इस घटना ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है कि यूपी में आखिर कानून किसका चल रहा है, दरअसल सहारनपुर में एक पुजारी विजय पंडित ने मंदिर प्रांगण में खेल रही 10 साल की एक बच्ची के साथ अश्लील हरकतें करने की कोशिश की,.. पीड़िता किसी तरह पंडित के चंगुल से भाग गई और घर जाकर परिजनों को आपबीती बताई।

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दुर्व्यवहार करने वाले पंडित के समर्थन में लोग

जिसके बाद तुंरत इस मामले में पुलिस वालों ने तेजी दिखाई और पंडित को गिरफ्तार भी कर लिया गया… लेकिन असली खेल तो उसके बाद शुरु हुआ। पुजारी की गिरफ़्तारी के बाद यह मामला और भी गंभीर हो गया है; जहाँ एक तरफ़ दलित संगठन और भीम आर्मी पीड़ित के लिए न्याय की माँग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ़ ब्राह्मण और सवर्ण समुदायों के लोग पुजारी के समर्थन में सामने आ गए हैं।

एक मासूम बच्ची के साथ ऐसी घिनौनी हरकत की गई.. मगर यहां उसके लिए न्याय के लिए आवाज उठाने के बजाये मनुवादी सवर्ण समाज के लोग आरोपी पंडित के समर्थन में उतर गए है। उन्होंने SSP कार्यालय का घेराव किया और परिसर के बाहर ज़मीन पर बैठकर सहारनपुर पुलिस (Saharanpur Police) दफ्तर के सामने हनुमान चालीसा पढ़ कर पंडित को रिहा करने की मांग कर रहे है।

इस घटना के संबंध में, भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने दलित बच्ची के लिए न्याय की मांग की और चेतावनी दी कि यदि उसे न्याय नहीं मिला, तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसकी अलवा सवाल ये है कि ये देश संविधान से चलता है या मनुस्मृति से.. जहां पंडित का किया गया हर गुनाह भगवान का आदेश कह कर सही साबित कर दिया जाता था… क्या आपको नहीं लगता है कि आज अगर प्रशासन इन जातिवादियों के आगे झुक जाती है तो देश में हर ब्राहमण को खुलेआम अपराध करने का लाइसेंस मिल जाय़ेगा। ऐसे में क्या करना चाहिए उसे छोड़ने की मांग करने वालों का।

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