UP Crime: फतेहपुर में तालाब की नापजोख कराने गए दलित प्रधान के साथ मारपीट, पुलिस जांच में जुटी

Beaten UP, Fatehpur News
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UP Crime: हाल ही में उत्तर प्रदेश (UP) के फतेहपुर (Fatehpur) से चौकाने वाली खबर सामने आई  है, जहां एक दलित प्रधान ने सार्वजनिक तालाब की पैमाइश क्या की, एक जातिवादी को ये इतना नागवार गुजरा कि उस शख्स ने प्रधान के ओहदे की चिंता किए बिना उसे जातिसूचक गालियां दी और उसके साथ मारपीट की। हैरानी की बात तो ये है कि आरोपी ने ये भी नहीं सोचा कि प्रधान तो केवल सरकारी काम कर रहा है।

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दलित प्रधान के साथ मारपीट

आज दलितों के ख़िलाफ़ अत्याचार इतने बढ़ गए हैं कि जातिवादी सोच वाले लोग अपने सामने खड़े व्यक्ति का ओहदा या पेशा तक नहीं देखते; ये जातिवादी दबंग किसी भी कीमत पर उन पर हमला करने पर आमादा रहते हैं। दरअसल, ये मामला फतेहपुर जिले (Fatehpur district) के हुसैनगंज थाना क्षेत्र (Hussainganj police station area) के गणेशपुर गांव (Ganeshpur Village) का है। दलित जाति से आने वाले प्रधान नरेश रैदास ने पुलिस को तहरीर दी कि पुरवा का कंधई में सरकारी इंटरलॉकिंग के लिए ट्रैक्टर से सीमेंटेड ईंटें ले कर जा रहा था।

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प्रधान को जातिसूचक गालियां देकर अपमानित किया

तभी वहां गांव का ही एक युवक  पहुंच गया, दलित समाज से प्रधान होने के कारण वैसे ही गांव के कुछ ऊंची जाति के लोग उसे पसंद नहीं करते है, और जब पैमाईश में आरोपी का घर भी तालाब के जोन में आ गया तो वो और नाराज हो गया जायक बाद वो प्रधान को ही जातिसूचक गालियां देने लगा। लेकिन अगले दिन जब प्रधान पैमाईश करने के लिए तालाब पर पहुंचा तो आरोपी ने फिर से उसे गालियां दी।

प्रधान को जान से मारने की कोशिश

जिसका विरोध करने पर प्रधान के साथ मारपीट शुरू कर दी गई, जिसके उसका हाथ टूट गया है और उसे गंभीर चोटें आई है साथ ही उसे जान से मारने की धमकी भी दी। प्रधान ने जब इस मामले में पुलिस ने मदद मांगी तो पुलिस वालों ने उनकी शिकायत तक नहीं सुनी, आरोपी काफी दबंग किस्म का है जिससे डर कर पुलिस उसे भिड़ना नहीं चाहती है। हैरानी की बात है एक प्रधान होकर भी जातिगत भेदभाव से वो नहीं बच सका, और पुलिस भी उसके साथ न्याय नहीं कर पा रही है। फिर कैसे यूपी की कानून व्यवस्था के गुण गए जाते है।

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