UP News: एक हफ्ते से लापता दलित किशोरी, पुलिस ने दर्ज किया गुमशुदगी का मुकदमा

Uttar Pradesh news, Dalit Girl missing
Source: Google

UP News: हाल ही में उत्तर प्रदेश के जौनपुर से चौकाने वाला मामला सामने आया है। जहां, घर से किसी काम से निकली दलित किशोरी अचानक गायब हो गई, और करीब एक हफ्ते बीतने के बाद भी उसका सुराग नहीं मिला। जिसके बाद परिजनों ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया है। वही मौके पर मिली सूचना के मुतबिक पुलिस मामले के जाँच में झूट गयी है।

और पढ़े: Top 5 Dalit news: दलित सुरक्षा पर बड़े सवाल अपहरण, हत्या और राजनीति के बीच 24 घंटे की तस्वीर

7 दिनों से लापता दलित किशोरी का सुराग नहीं

दलित लड़कियों के बारे में अक्सर रिपोर्टें सामने आती रहती हैं जो किसी काम के लिए अपने घरों से बाहर निकलती हैं लेकिन कभी वापस नहीं लौटतीं, बाद में खबर आती है कि उनकी हत्या कर दी गई है या फिर उनका  बलात्कार किया गया है। लेकिन उत्तर प्रदेश (UP) के जौनपुर (Jaunpur) के मछलीपुर (Machlipur) से बेहद ही सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहाँ पीड़िता के पिता ने स्थानीय थाने में जाकर तहरीर दी कि बीते 19 जुलाई को उनकी 15 साल की बच्ची रोडवेज जाने के लिए निकली थी, लेकिन वो घर नहीं लौटी और करीब एक हफ्ते बीतने के बाद भी उसका सुराग नहीं मिला। हैरानी की बात तो ये है कि पिछले एक सप्ताह  से लापता बच्ची को वो लोग खुद ही खोज रहे थे।

और पढ़े: UP crime: जमीन हड़पने के लिए दलित आंगनवाड़ी महिला से अभद्रता, विरोध करने पर दबंगों ने की अभ्रदता

पुलिस ने शुरू की खोजबीन

लेकिन जब उन्हें बच्ची के बारे में कोई सुराग नहीं मिला तब वो थक हार कर पुलिस के पास पहुंचे है और उन्होंने पुलिस से मदद की गुहार लगाई है। घरवालों को डर है कि बच्ची किसी अनहोनी का शिकार न हो गई हो। अब पुलिस ने बच्ची की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाने के बाद खुद तलाश शुरू कर दी है। देखना ये होगा कि बच्ची के लापता होने के पीछे आखिर क्या वजह थी और क्या पुलिस उसे सही सलामत ला पाएगा। इस मामले में हुई देरी के लिए आपकी नजरों में दोषी कौन है। अब इसे पुलिस की नाकामी कहे, या फिर दलितों का पुलिस के प्रति अविश्वास। जो उन्होंने पुलिस के तीखे और भद्दे सवालों के जवाब देने के बजाय खुद कोशिश की।

इसके अलावा, आपको यह बता दें, कि ऐसी घटना सामने आने का यह कोई पहला मामला नहीं है; इससे पहले भी कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें दलित लड़कियाँ लापता हो गईं और बाद में उन्हें चौंकाने वाली हालत में पाया गया। फिर भी, सवाल यह है कि सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कानून कब बनाएगी?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *