Chandrashekhar Azad news:हाल ही में, चंद्रशेखर आज़ाद ने केतनलाल के परिवार से मुलाक़ात की—जिनकी हत्या उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल इलाके में कर दी गई थी—और इस दौरान उन्हें कई बाधाओं का सामना करना पड़ा। उनके काफिले को कई बार रोका गया, जिससे पुलिस के साथ टकराव की स्थिति बनी; फिर भी, उन्होंने हार नहीं मानी, आगे बढ़ते रहे और आखिरकार पीड़ित परिवार से मुलाक़ात की। वही इस घटना के बाद उन्होंने उत्तरखंड पप्रशासन पर सवाल भी खड़े किये है।
और पढ़े: क्या पेरियार ने अपनी ही बेटी से शादी की थी? जानिए इस दावे की सच्चाई
चंद्र शेखर आजाद ने विपक्षियों को दिया करारा जवाब
बीते दिन चंद्रशेखर आज़ाद ने केतन लाल मर्डर केस में पीड़ित परिवार से मुलाक़ात की; उन्होंने परिवार को पूरा समर्थन देने का वादा किया और उत्तराखंड पुलिस से उन्हें सुरक्षा देने की मांग की। वही उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल पहुंच कर नाबालिग लड़के केतनलाल के साथ हॉनर किलिंग को लेकर दलितों के संगठन की ताकत दिखा दी… वो प्रशासन की तमाम कोशिशों के बाद पीड़ित परिवार से तो मिले ही साथ ही उन्हें जान से मारने की धमकी देने वालों को वीडियो जारी कर खुली चुनौती दी है। बता दें कि सोशल मीडिया पर आजाद को धमकी दी गई थी कि अगर वो टिहरी गढ़वाल जाते है तो वो जिंदा वापिस नहीं जायेंगे, उनके टुकड़े टुकड़े कर के उनके घर भेजेंगे।
अगली बार जब “उत्तराखंड” में आयेंगे तो बहुत मज़बूत होकर आयेंगे।
-नगीना सांसद,चंद्रशेखर आज़ाद।@BhimArmyChief pic.twitter.com/ewrbZ5SMEI
— प्रीतम कुमार बौद्ध (@Pritamkrbauddh) July 1, 2026
और पढ़े: Top 5 Dalit news: चंद्रशेखर आज़ाद से लेकर संतकबीर नगर केस तक, जानिए आज की बड़ी घटनाएं
उत्तराखंड के कानून व्यवस्था पर सवाल उठे
जिसे लेकर आजाद ने सीधा पूछा कि आखिर वो धमकी देने वाले कहां थे। वो कोई फौज लेकर नहीं गए थे फिर भी सामने नहीं आये.. उन्होंने उत्तराखंड के कानून व्यवस्था पर सवाल करते हुए कहा कि आखिर पुलिस पीड़ित परिवार को ही टॉर्चर क्यों कर रही है, पीड़ित और पीड़ित परिवार के खिलाफ पंचायत की गई,, उसके गांव के बाहर हथियार लेकर खड़े होकर धमकी दी जा रही है कि जो भी पीड़ित परिवार से मिलने आयेगा वो जिंदा वापिस नहीं जायेगा।
उन्होंने पूछा कि आखिर राज्य की कानून व्यवस्था इतनी सुस्त क्यों है। पूरा परिवार डर के माहौल में जीने को मजबूर है। वहीं आजाद ने राज्य सरकार को भी खुली चुनौती दी है कि अगली बार जब वो उत्तराखंड आयेंगे तो बहुत मजबूत हो कर आयेंगे। जो सीधा इशारा था कि यूपी के बाद उनका टारगेट उत्तराखंड ही होने वाला है। अब देखना ये होगा कि आजाद का करारा जवाब पाकर विपक्षियों का क्या रवैया होता है।



