Pilibhit news: हाल ही में उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से एक खबर सामने आई है, जहाँ एक अदालत ने एक नाबालिग के साथ क्रूरता करने वालों को 20 साल की कैद की सज़ा सुनाई है, साथ ही उन पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
आरोपियों को 20-20 साल की सजा
देश में हर रोज न जाने कितनी ही लड़कियां अलग-अलग तरह के उत्पीड़न का शिकार हो रही हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं महिलाओं और लड़कियों को सुरक्षा देने के लिए कई कानून हैं। उन्हीं कानून के तहत 6 साल बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (POCSO) गीता सिंह का न्यायालय ने फैसला सुनाया है।
दरअसल यह मामला उत्तर प्रदेश के पीलीभीत का है, जहां एक नाबालिक दलित बच्ची के साथ हुई गैंगरेप (Gang rape) की घटना में दोनो आरोपी को 20-20 साल की सजा सुनाई गई है। बता दें, यह घटना सितंबर 2020 की है, जब पीलीभीत जिले (Pilibhit District) के जहानाबाद पुलिस स्टेशन (Jehanabad Police Station) के अंतर्गत जाने वाले एक गांव के 22 और 25 वर्षीय दो युवकों ने एक 16 वर्षीय दलित नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया था।
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नाबालिग बच्ची से सामूहिक बलात्कार
इसके बाद, 16 वर्षीय पीड़िता के पिता ने पुलिस में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि भगवत सरन नाम के एक ग्रामीण ने उनकी बेटी को प्रेम जाल में फंसा लिया था। उन्होंने आगे बताया कि 11 सितंबर को सुबह 4:00 बजे, भगवत सरन ने उनकी बेटी को फोन किया और उसे उनके घर के पास गन्ने के खेत में बुलाया, जहाँ उसने उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया। इसके अलावा, उसने उस नाबालिग दलित किशोरी पर जातिसूचक गालियाँ बरसाकर उसे अपमानित किया फिर उसने उसे जान से मारने की धमकी दी और उसे खेत में बेहोश पड़ा छोड़कर मौके से फरार हो गया।
सजा और 1-1 लाख रुपए का जुर्माना
जहां उसके साथ एक ओर आरोपी अर्जुन भी था. दोनों बच्ची को खेतों में ले गए जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। सुबह जब पीड़ित परिवार को बच्ची नहीं मिली तो उन्होंने तलाश शुरू और बच्ची उन्हें खेतों में बेसुध हालत में मिली थी, जिसे अस्पताल में इलाज के दौरान गैंगरेप की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की। और आखिरकार कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 20-20साल की सजा और 1-1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। जो पीड़िता को दिया जाएगा।
मीडिया रिपोर्टों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस और जेलर राजेश पांडे, जिन्होंने टाइम्स ऑफ़ इंडिया (TOI) से बात की और बताया कि “दो आरोपियों में से, 22 वर्षीय व्यक्ति अपनी गिरफ्तारी के दिन, यानी 12 सितंबर, 2022 से ही जेल में बंद है, जबकि दूसरे को 21 अगस्त, 2025 को न्यायिक जमानत दे दी गई थी।”



