जंतर-मंतर से उठी आवाज, अभिजीत दीपके की कॉकरोच जनता पार्टी टिप्पणी चर्चा में

CJP Protest
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हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पार्टी काफी ट्रेंड कर रही थी। यह पार्टी कोई और नहीं बल्कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) थी। इस पार्टी ने रातों-रात लाखों फॉलोअर्स बना लिए और देखते ही देखते देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फैन फॉलोइंग को भी पीछे छोड़ दिया। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके दलितों के लिए इंसाफ की मांग करने और प्रोटेस्ट करने के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे, जहां उन्होंने बाबा साहेब के नाम के नारे लगाए। जिसका एक विडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

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अभिजीत दीपके पहुचे जंतर-मंतर

शनिवार सुबह जब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फाउंडर अभिजीत दीपके अमेरिका से दिल्ली एयरपोर्ट उतरे, तो सीधे जंतर-मंतर पहुंचे… इस बीच, जंतर-मंतर पर सुरक्षा काफी कड़ी नज़र आ रही है। हालाँकि, वहाँ युवाओं की भीड़ भी मौजूद है और उनकी संख्या बढ़ती हुई दिखी। जहाँ 2,000 से ज्यादा छात्र और लद्दाख के प्रसिद्ध एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक पहले से ही नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोले बैठे थे। लेकिन इस पूरे प्रदर्शन में सबसे ज्यादा ध्यान खींचा अभिजीत दीपके के हाथ में मौजूद संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर (Architect of the Constitution Dr. Bhimrao Ambedkar) की किताब ने…एयरपोर्ट से लेकर मंच तक, अभिजीत इस किताब को अपने सीने से लगाए दिखे, इसके पीछे एक बहुत बड़ा राजनीतिक और सामाजिक संदेश है।

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अभिजीत ने सीधे सिस्टम पर हमला किया

डॉ. बी.आर. आंबेडकर ने हमेशा सामाजिक समता और शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार माना था, उनका एक प्रसिद्ध नारा था—’शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पिएगा वो दहाड़ेगा…आज जब देश का युवा नीट, सीबीएसई और एसएससी जैसी परीक्षाओं में धांधली से परेशान है, तो अभिजीत यह संदेश देना चाहते हैं कि यह लड़ाई किसी जाति या धर्म की नहीं, बल्कि बाबासाहेब के दिखाए रास्ते पर चलकर अपने संवैधानिक अधिकारों और सही शिक्षा को बचाने की क्रांति है। मंच से अभिजीत ने सीधे सिस्टम पर हमला किया और कहा—’10-12 साल से हमें हिंदू-मुसलमान की राजनीति में फंसा कर रखा गया।

दीपके ने अपने बयान में क्या कहा?

इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके ने कहा, “पिछले दो-तीन दिनों से मेरी माँ और बहन रो रही थीं, उन्हें डर था कि अगर मैं वापस लौटा, तो ये लोग मुझे जेल में डाल देंगे। उन्हें मेरे घर वापस आने से डर लग रहा था। यह डर सिर्फ़ मेरी माँ का ही नहीं है।” “इस देश में, जब भी कोई बच्चा, छात्र या युवा राजनीति और इस सरकार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाता है, तो उसकी माँ को डर लगता है कि कहीं उसके बेटे को जेल न भेज दिया जाए। हमें कब तक ऐसे डर में जीना होगा? आइए, उन्हें एक बार और हमेशा के लिए बता दें कि अब हम उनकी डर की राजनीति से नहीं डरते।”

हालाँकि कुछ लोग हाथ में ‘हिट’ स्प्रे लेकर इस आंदोलन को फ्लॉप बताने भी पहुंचे, लेकिन सोशल मीडिया फॉलोअर्स वाली इस ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने अब आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अगला महा-प्रदर्शन 13 जून को होने जा रहा है। क्या युवाओं का यह आंदोलन देश की शिक्षा व्यवस्था को बदल पाएगा।

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