Sri Ganganagar news: हाल ही में, राजस्थान के श्री गंगानगर से एक चौंकाने वाली और विचलित कर देने वाली रिपोर्ट सामने आई है। एक BJP नेता ने न केवल इंसानियत को शर्मसार किया है, बल्कि सारी हदें भी पार कर दी हैं; इस दबंग BJP नेता ने एक दलित अधिकारी के साथ मारपीट की जब उसका मन इतने से नहीं भरा तो उसने दलित अफसर को जान से मारने की धमकी दी है।
बीजेपी नेता ने की दलित अफसर के साथ मारपीट
एक तरफ, BJP “सबका साथ, सबका विकास” का वादा करती है, दलितों को चुनाव का टिकट देती है और उन्हें विधायक बनने में मदद करती है; वहीं दूसरी तरफ, उसी पार्टी के नेता दलितों को धमकियाँ देते नज़र आते हैं। जी हाँ, हालिया मामला राजस्थान (Rajsthan) के श्रीगंगानगर (Sri Ganganagar) से है, जहां बीजेपी (BJP) नेताओं के हौंसले इतने बुलंद है कि केवल दलित होने के कारण एक सरकारी अफसर को भी पीटने और उसे जान से मारने की धमकी देने से भी पीछे नहीं हटते। दरअसल राजस्थान शहरी अवसंरचना विकास परियोजना (Rajasthan Urban Infrastructure Development Project) में कार्यरत एईएन जगनलाल बैरवा (AEN Jaganlal Bairwa) दलित जाति से आते है।
उन्होंने बीजेपी विधायक जयदीप बिहाणी (BJP MLA Jaideep Bihani) एईएन (पीएचडी) कृष्ण धारीवाल, विधायक के निजी सहायक मनीष गर्ग, पार्षद बंटी वाल्मीकि समेत 30 लोगों के खिलाफ जवाहर नगर थाना (Jawahar Nagar Police Station) में एफआईआर (FIR) दर्ज कराते बताया कि दिशा समिति की बैठक में पहले ही किसी बात पर धमकी दी थी लेकिन 30 अप्रैल को उन्हें विधायक सेवा केंद्र (MLA Service Center) बुलाया गया था।
और पढ़े: संसद की ओर इशारा आखिर क्या कहती है बाबा साहब की उठी हुई ऊँगली? जानिए इसके पीछे का असल सच
जान से मारने की धमकी दी
जहां वो प्रोजेक्ट से जुड़ी फाइलें लेकर एलएंडटी कंपनी (L&T Company) के प्रोजेक्ट मैनेजर शहनवाज हुसैन और इंजीनियर सोहम परमार के साथ पहुंचे थे, लेकिन पहुंचते ही विधायक ने प्रोजेक्ट के सरकारी दस्तावेज उनसे छीन लिये, और उन्हें जातिसूचक गालियां देने लगे… जिसका उन्होंने विरोध किया था, लेकिन इससे गुस्सायें विधायक ने अपने लोगो के साथ मिलकर उनके साथ बुरी तरह से मारपीट की, जिससे उनकी आंख में गंभीर चोट आई.. और एक आंख से दिखाई देना लगभग बंद हो गया। वहीं उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
दरअसल विधायक को 555 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट में हिस्सेदारी चाहिए थी, लेकिन दलित अधिकारी इसके लिए तैयार नहीं हुआ था। आपको बता दें, इस मामले की जाँच SC/ST केस जाँच सेल के RPS विष्णु खत्री को सौंपी गई है। अब देखना ये होगा कि 36 सालो से ईमानदारी से सेवा कर रहे दलित अधिकारी को उनकी सेवा का क्या फल मिलता है।



