UP crime: हाल ही में उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर से हैरान और परेशान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दलित मजदूर ने एक जातिवादी के यहां मजदूरी करने से इनकार क्या कर दिया, उस गरीब मजदूर के साथ न केवल जातिगत उत्पीड़न किया गया बल्कि इसे गांव से निकाल देने की धमकी भी दी गई।
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दलित मजदूर के साथ मारपीट
जातिवादी आतंकवादियों ने दलितों पर अत्याचार इस हद तक बढ़ा दिए हैं कि अगर कोई दलित उनकी बात नहीं मानता या मानने से मना करता है, तो बड़ी जाति के लोग उसे पीटते हैं और गांव से निकालने की धमकी देते हैं। कभी-कभी तो जान से मारने की धमकी भी दी जाती है। दरअसल ऐसा ही एक मामला शाहजहांपुर (Shahjahanpur) के थाना खुदागंज क्षेत्र (Khudaganj police station area) के सूथा गांव (Sootha Village) की है।
जान से मारने की धमकी देकर आरोपी फरार
पीड़ित भगवान दास ने पुलिस को तहरीर की दी 14 जुलाई को जब वो अपने खेत में धान की रोपाई कर रहा था तभी उसके पास बसंत सिंह नाम के युवक ने उससे उसके खेतों में काम करने की बात की, लेकिन भगवान दास ने साफ इनकार कर दिया। जिससे बसंत सिंह के अहंकार को बड़ी ठेस लगी और वो पीड़ित से रंजिश रखने लगा।
15 जुलाई को उसे अपनी रंजिश निकालने का मौका भी मिला जब वो अपनी गाय चराने गया था। आरोपी ने पीड़ित को घेर लिया और उसे जातिसूचक गालियां देते हुए धमकी दी कि अगर वो आरोपी लिए काम नहीं करेगा तो उसे गांव में भी रहने नहीं दिया जाएगा। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। हालांकि भीड़ इकट्ठा होते देख कर जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया, मगर पीड़ित घायल हो गया था।
पुलिस ने मामला दर्ज करने में लगाये कई दिन
हैरानी की बात है कि पीड़ित को पुलिस का भी समर्थन नहीं मिला, और मामला दर्ज करने में कई दिन लगा दिए। पीड़ित ने बताया कि आरोपी का परिवार काफी रसूख वाला है, इस कारण पहले भी उसने पीड़ित के परिवार से मारपीट की थी, मगर उसके रसूख के कारण ये मामला दब गया। ग्रामीणों के दवाब ने पुलिस ने मामला दर्ज कर क्या है, लेकिन आरोपी अब भी फरार है। अब देखना ये होगा कि क्या जनता के आक्रोश से डर कर पुलिस को ठोस कदम उठाएगी।



