332 BNS in Hindi: मान लीजिए कि कोई अचानक और चुपके से आपके घर में अपराध करने के उद्देश्य से घुस आता है। तो कभी सोचा है कि ऐसे मामले में BNS की कौन की धारा लगती है और ऐसे मामले में किस तरह की सज़ा होगी? तो आपको बता दें, ऐसा करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 332 लागू होती है। तो चलिए आपको इस लेख में बताते हैं कि ऐसा करने पर कितने साल की सजा का प्रावधान है और बीएनएस (BNS) में इसके के बारे में क्या कहा गया है।
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धारा 332 क्या कहती है? BNS Section 332 in Hindi
जैसा कि आप जानते हैं कि अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग अधिनियम और दंड हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बीएनएस (BNS) की धारा 332 क्या कहती है, अगर नहीं तो आइए जानते हैं। भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 332 उस व्यक्ति पर लागू होती है जो अगर कोई व्यक्ति बिना इजाज़त के किसी दूसरे व्यक्ति के घर, बिल्डिंग या प्रॉपर्टी में घुसता है या छिपता है, और वहां क्राइम करने का इरादा रखता है। या किसी घर में घुसकर किसी पर जान से मारने के इरादे से हमला करता है।
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BNS section 332 Important points
- आपको बता दें, यह धारा पुराने कानून की आईपीसी धारा 449 के समान है। जिसमें नए नियमो के साथ BNS में लागू किया है.
BNS section 332 example
मान लीजिए कोई व्यक्ति किसी के टेंट, मंदिर या ज़मीन में क्राइम करने के लिए घुस जाता है और चोरी करता है या फिर उनको चोट पहुचता है। तो आरोपी पाए जाने पर अपराधी के खिलाफ BNS सेक्शन 332 के तहत कार्यवाही की जाती है।
बीएनएस धारा 332 की और सजा
इसके अलावा, BNS की धारा 332 यह तब लागू होती है, जब कोई व्यक्ति अपराध करने के इरादे से किसी के घर में जबरन घुस आता है। तो इस सेक्शन के तहत दोषी पाए जाने पर आरोपी को crime करने पर अधिकतम 10 साल की कैद और जुर्माना होता है। आपको बता दें, यह एक गैर-संज्ञेय (non-cognizable) अपराध है, इसलिए पुलिस को जाँच के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति चाहिए होती है। इस अपराध में जमानत मिलना भी काफी मुश्किल हैं।



