Top 5 Dalit news: कहते है कि देश न्यायपालिका एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें सभी एक समान ही होते है। हम सभी जानते है कि भारत की न्याय व्यवस्था कितनी धीरे और लचर है.. जिसमें दशकों तक न्याय की गुहार लगानी पड़ती है। लोग न्याय के इंतजार में दुनिया से चले जाते है..लेकिन न्याय नहीं मिलता.. नहीं अभी हालात ऐसे है कि जिस मुद्दे से राजनीति बदलती है, उन मुद्दों में कुछ घंटो में फैसले कैसे हो जाते है.. क्या न्याय व्यवस्था भी कठपुतली होती जा रही है। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितो के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में बतायेंगे, जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।
भीम आर्मी चीफ ने न्यायपालिका पर उठाया सवाल
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर से उस तीखे सवाल को लेकर है, जिसमें उन्होंने न्यायपालिका की न्याय व्यवस्था को लेकर उन पर सवालियां निशान खड़े कर दिये है। यूजीसी के मुद्दे पर नई गाइडलाइंस को फिर से बहाल करने के लिए दलित समाज काफी लंबे समय से लड़ाई लड़ रहा है तो वहीं कोर्ट ने जहां इस पर रोक लगाने में चंद मिनट लगाये तो उसे लागू करने को लेकर होने वाली 19 मार्च की सुनवाई को टाल दिया गया..जिससे आजाद काफी नाराज दिखे।
उन्होंने कहा UGC के मुद्दे पर एक दिन पहले PIL दाखिल होती है और लाखों अन्य मामलों को नकारकर अगले दिन इसकी सुनवाई भी हो जाती है, वहीं मध्यप्रदेश में ओबीसी को 14% आरक्षण मिलता है और 13% कोर्ट के द्वारा होल्ड किया हुआ है उनका मामला लंबे समय से कोर्ट में पड़ा हुआ है, पर उसपर कोई सुनवाई नहीं होती… हैरानी की बात है कि लाखों ऐसे दलितों और पिछड़ो की भलाई से जुड़े मुद्दे कोर्ट में लंबित है, लेकिन उन पर जल्दबाजी में सुनवाई नहीं होती। आजाद ने कहा कि उन्हें अब देश की न्यायिक व्यवस्था और न्यायपालिका की स्थिति पर गंभीर चिंता होने लगी है।
ये सोचने पर विवश करती है कि आखिर कोर्ट किसके पक्ष में खड़ी है, सरकार किसके पक्ष में खड़ी है। देश का लोकतंत्र, देश का संविधान किस तरह जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि न्यायपालिका का सम्मान ज़रूरी है, लेकिन कमजोर और वंचित वर्गों के हितों की रक्षा भी उतनी ही अहम है। अब देखना ये होगा कि एससी एसटी समाज की तऱफ से जो आंदोलन हो रहा है उसे लेकर सुप्रीम कोर्ट कब फैसला सुनायेगी..और आजाद की बात से आप कितने सहमत है।
बरेली में दलित मजदूर की जल कर मौत
2, दलितो से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश के बरेली का है, जहां एक दलित मजदूर को उसकी मजदूरी मांगने के बदले मिली दर्दनाक मौत। ये घटना बरेली के लखीमपुर खीरी के नीमगांव थाना क्षेत्र का है, मृतक कुलदीप कुमार के पिता खेम करम ने पुलिस थाने में तहरीर दी कि उनका बेटा कुलदीप कुमार पिछले 5 महीनों से साजिद खान की सुगर मिल में काम करता था, 11 मार्च को कुलदीप काम से निकलने से पहले शाम को करीब 4.30 बजे साजिद खान से अपनी बची हुई मजदूरी मांगने गया था।
लेकिन साजिद खान ने देने से इंकार कर दिया..उल्टा उसके साथ अपने दो साथियों राशिद खान और हामिद खान के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट की और खौलते गन्ने के रस में फेंक दिया..जिससे वो बुरी तरह से झुलस गया। वहीं आरोपियों ने ही कुलदीप को अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां से उसे सीविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन कुछ समय के बाद प्राइवेट फैसीलिटी में ट्रांसफर कर दिया औऱ डॉक्टरों ने उसका इलाज रोक दिया था।
लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.. वहीं आरोपी पक्ष का कहना है कि कुलदीप की मौत एक हादसा है, और केस में दो अन्य लोगो का नाम लिया गया है वो तो मौजूद भी नहीं थे.. यहां तक की साजिद खान ने ही कुलदीप को अस्पताल में भर्ती कराया और सारा खर्चा दिया था। पुलिस ने दोनो पक्षों को सुनने के बाद मामले की जांच शुरु कर दी है..अब देखना ये होगा कि कौन सच्चा है और कौन झूठा।
बिहार के वैशाली में दलित बस्ती में भीषण आग
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला बिहार के वैशाली से है, जहां एक दलित बस्ती में भीषण आग लगी और दलितों के 32 घर जल कर खाक हो गए.. ये घटना वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र के खजवत्ता गांव की है। पीड़ित परिवारों ने बताया कि आग ऐसे वक्त लगी जब बस्की की ज्यादातर महिलाएं मवेशियों को चराने गांव से बाहर गई हुई तो वहीं पुरुष मजदूरी करने गए थे। इसलिए किसी को अंदाजा ही नहीं है कि आग कैसे लगी.. वाकई में ये कोई हादसा था या कोई गहरी साजिश।
लेकिन इस आगजनी में दलित बस्ती के लोगो के लाखों के सामान जल कर खाक हो गए। पीड़ितो की दास्तान किसी का भी दिल झकझोर कर रख दें। किसी के इलाज के लिए पैसे रखे थे तो वहीं किसी के घर में शादी थी..सारा सामान पैसे, जेवर अनाज सबकुछ जल कर खाक हो गया।
हालांकि गांव की सरपंच ने पीड़ितो को राहत देने के लिए प्लास्टिक के टैंट और खाना मुहैया करा दिया है लेकिन फिर भी इतनी बड़ी घटना को लेकर विधायक और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के रूखे रवैये से स्थानीय गर्मीण काफी नाराज है। हैरानी की बात है कि अभी तक स्थानीय विधायक ने कोई सहायता देना तो छोड़िये खुद मुआयना तक नहीं किया है। ऐसे में देखना ये होगा कि बिहार में दलितों के विकास उत्थान की बात केवल चुनावी मुद्दा ही था।
कर्नाटक में दो समुदाय में खूनी झड़प
4, दलितों से जुड़ा अगला मामला कर्नाटक के गडग से है, जहां किसी दूसरी जाति के खेतों से पानी पीने को लेकर पूरे गांव में सांप्रदायिक झड़प हो गई। ये घटना गडग ज़िले के मुंडरगी तालुका के चिक्कवड्डत्ती गांव की है, इस झड़प में करीब 32 लोग घायल हो गए जिसमें से 15 गंभीर रूप से घायल है।
वहीं पुलिस ने इस मामले में 191 लोगों पर केस किया है तो वहीं 21 लोगो को गिरफ्तार भी कर लिया है। दरअसल हिंसा का कारण केवल इतना था कि एक दलित युवक ने दूसरे समुदाय के खेत में पानी पी लिया था..बस फिर क्या था देखते ही देखते ये मुद्दा इतना बड़ा हो गया कि दोनो समाज आने सामने आ गया.. वहीं पुलिस ने बताया कि ये घटना किसी पुरानी रंजिश के कारण हुई है.. जिस पर पहले कहासुनी हुई थी और फिर बात इतनी बढ़ गई.. वहीं गांव में किसी तरह की अप्रिय घटना न हो उसके लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है..वहीं पुलिस भी इस मामले की बारिकी से जांच कर रही है। जांच के बाद ही हिंसा के सही कारणों का पता चल सकेगा।
भीम आर्मी चीफ की एक्स गर्लफ्रेंड का बड़ा खुलासा
दलितों से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद की तथाकथित गर्लफ्रैंड रोहिणी घावरी को लेकर है, जिन्होंने अब तक केवल आजाद और बीजेपी को घेरा हुआ था, लेकिन जब आजाद ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो अब घावरी ने उनके परिवार को भी निशाने पर ले लिया है। घावरी ने आजाद की पत्नी वंदना कुमारी पर बेहद ही आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए भगोड़ी और जालसाज कहा है। घावरी ने वंदना औऱ उनके बेटे की पिक्चर शेय़र करते हुए कहा कि एक अनपढ़ गंवार औरत जो अपने पिता का नाम खराब करके बिना शादी के भाग कर अपने प्रेमी के घर में रही।
वो छोड़ न दे इसलिए शादी से पहले गर्भवति हो गई ताकि मजबूरी में शादी करनी पड़े.. आजाद ने शादी से इंकार किया तो सके ख़िलाफ़ FIR करने सहारनपुर थाने पहुँच गई थी, मजबूरी में चोरी छिपे कोर्ट मैरिज कर ली.. लेकिन समाज के सामने ये स्वीकार करने में शर्म आती थी, इसलिए छिपाई..और फिर धावरी को प्यार के जाल में फांसा औऱ उनकी जिंदगी खराब कर दी। जब वाकई में समाज के सामने शादी करता और सबको पता होता तब अगर घावरी उससे कोई रिश्ता रखती तो गलती उनकी होती.. घावरी ने कहा कि उनके साथ षड्यंत्र हुआ है। घावरी के इन आरोपो के बाद अब देखना ये होगा कि क्या पत्नी के सम्मान में भी वो कुछ बोलेंगे या नहीं.. और इन आरोपो में कितनी सच्चाई है।

