Mainpuri Crime news: हाल ही में, उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने मानवता को कलंकित कर दिया है। जातिवादी मानसिकता वाले एक युवक ने हैंडपंप से पानी निकालने के लिए एक दलित महिला को बेरहमी से पीटा; यही नहीं, जब वह महिला वहाँ से हटकर एक तरफ खड़ी हो गई, तो उस गुस्सैल व्यक्ति ने उस पर जातिसूचक गालियाँ बरसाकर उसे और भी ज़्यादा अपमानित किया।
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हैंडपंप से पानी भरने पर दलित महिला के साथ मारपीट
जिस पानी के लिए बाबासाहेब ने समानता की लड़ाई लड़ी थी—आज भी, कई जगहों पर दलितों को उसे लेने की इजाज़त नहीं है। जी हाँ, ऐसा ही मामला यूपी (UP) के ही मैनपुरी (Mainpuri) से है, जहां दलितों को आज भी सार्वजनिक स्थानो से पानी लेने के बदले तुगलगी सजा को सहना पड़ता है। दरअसल, सोशल मीडिया (Social Media) पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक हैंडपंप पर पानी भरती महिला को लाठी से पीट रहा है, महिला का कसूर केवल इतना था कि वो छोटी जाति से आती है और उसने हैंडपंप से पानी भर लिया था। जिससे गुस्साएं जातिवादी आतंकी ने जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित करते हुए महिला पर लाठी से हमला कर दिया.. पीड़िता पहले तो वहां खड़ी रही लेकिन जब उसे लगा कि शायद आरोपी रूकेगा नहीं तो वो हैंडपंप छोड़ कर अलग खड़ी हो गई।
शिकायत पर अभी तक कोई सुनवाई
आपको बता दें, ये घटना यूपी में जातिवाद की बढ़ती कुंठा को प्रदर्शित करता है। पिछले एक महीने में मैनपुरी से ये दूसरी घटना है जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है, इससे पहले भी 6 मई को मैनपुरी के नगला रते गांव में एक दलित परिवार के घर में घुसकर इसलिए मारपीट की क्योंकि उनके घर से नाली का पानी सार्वजनिक नाली में निकल रहा है। जिससे नाराज होकर पड़ोसी ने उनके घर में घुस कर मारपीट की थी.. पीड़िता ने शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई.. वहीं अब मैनपुरी में हुई इन अमानवीय घटना के बाद भी पुलिसा की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.. ऐसे में अब सवाल उठने तो लाजमी है कि आखिर वाकई में दलित उत्पीड़न कम हुआ है या केवल चुनावी हथकंडा है।
🚨🚨🚨. 📍 Mainpuri, UP
A woman was brutally beaten with sticks by a man just for fetching water from a hand pump.
Shame on those People who keep denying casteism and calling it a “Western construct” but this is the reality of this country. So called “Upper-caste” oppression… pic.twitter.com/hWFWCwDpv3
— Ritesh (@Riteshk95050394) May 10, 2026



