Ketan murder case updates: बीते कुछ दिन पहले खबर आई थी कि भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद को हरिद्वार में उस समय रोका गया, जब वे टिहरी में हत्या के मामले के मृतक केतन के परिवार से मिलने जा रहे थे। इसके अलावा, पुलिस के साथ उनकी झड़प भी हुई, हालांकि बाद में स्थिति को काबू में कर लिया गया और कड़ी मसकत के बाद उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने दिया गया।
भीम आर्मी चीफ पहुंचे केतललाल के घर
सोशल मीडिया पर चंद्रशेखर से जुड़ी खबरें अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। वही टिहरी गढ़वाल में हॉनर किलिंग का शिकार हुए मृत युवक केतनलाल हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार से आखिरकार भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को मिलने दे दिया गया है। 28 जून को आजाद ने पहली कोशिश की थी लेकिन हरिद्वार में ही पुलिस और पारा मिलिट्री के फोर्स ने इन्हें जबरन रोक दिया था, यहां तक कि हाथापाई के कारण आजाद की शर्ट फट गई थी, जिसके बाद आजाद धरने पर बैठ गए थे, लेकिन पुलिस के समझाने के बाद मामला शांत हो गया था।
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आजाद के लिए पीड़ित परिवार से मिलने आसान नहीं
प्रशासन ने आजाद को आश्वासन दिया था कि वह 30जून को पीड़ित परिवार से मिल सकते है। जिसे इस बार प्रशासन ने पूरा किया। आजाद आखिरकार पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। आजाद को देखने के बाद केतन का पूरा परिवार भावुक हो गया। केतन की बहन ने उन्हें गले लगा रोना शुरू कर दिया। आजाद ने ऐलान किया है जब तक पीड़ित परिवार की पूर्ण सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जाती तब तक वो उन्हें साथ ही रहेंगे।बता दें कि आजाद के लिए पीड़ित परिवार से मिलने आसान नहीं था।
आजाद को ऋषिकेश-चंबा हाईवे पर भद्राकील तिराहे और नरेंद्रनगर चुंगी बाईपास पर फिर रोका गया था जहां से आजाद को तीन किलोमीटर पैदल बारिश में चलकर हिंडोलाखाल तक पहुँचे जहां से केवल कुछ सीमित लोगों के साथ ही उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने की इजाजत दी गई। आजाद जो कि एक जनता के चुने हुए प्रतिनिधि है उन्हें जनता से ही मिलने नहीं दिया जा रहा है। तमाम कायदे कानून लगा कर उन्हें परेशान किया जा रहा है। तो आखिर सरकार साबित क्या करना चाहती है। शायद यही की पद की कोई वैल्यू नहीं है पहचान तो शायद जाति से होगी।



