अब नहीं होगी ऑनर के नाम पर हिंसा कर्नाटक ने दिया प्रेम और शादी को कानूनी सुरक्षा – Karnataka honour killing law

Karnataka news, Karnataka marriage rights law
Source: Google

Karnataka honour killing law: हाल ही में, कर्नाटक सरकार से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। ‘ऑनर किलिंग’ (इज्ज़त के नाम पर हत्या) की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है: अंतर-जातीय विवाह करने वाले जोड़ों को सुरक्षा प्रदान करना—एक ऐसा फैसला जिसने एक नई बहस छेड़ दी है।

और पढ़े: Andhra Pradesh news: दलित देवी स्थल पर राम मंदिर बनाने की कोशिश, गांव में तनाव का माहौल

ऑनर किलिंग को लेकर सरकार ने उठाया सख्त कदम

अक्सर यह कहा जाता है कि देश बदल रहा है, लोगों की सोच विकसित हो रही है और लोग आज़ाद हैं; फिर भी, आज भी दलित समुदाय के कपल्स की, अंतर-जातीय विवाह (inter caste marriage) करने के कारण हत्या कर दी जाती है। या फिर, उन पर शारीरिक हमला किया जाता है और उन्हें जान से मारने की धमकियाँ दी जाती हैं। लेकिन हाल ही में कर्नाटक सरकार (Government of Karnataka) ने, जाति के नाम पर बढ़ रहे ऑनर किलिंग के मामले को लेकर सरकार ने एक सख्त कदम उठाया है, जिससे न केवल अंतरजातीय शादी (inter caste marriage) करने वालों को सुरक्षा मिलेगी।

आरोपियों के लिए नए सजा के प्रावधान

बल्कि अगर शादीशुदा जोड़े के साथ किसी भी तरह की अनहोनी होती तो सरकार आरोपियों के लिए नए सजा के प्रावधान ले कर आई है। 24 मार्च को विधानसभा में ‘कर्नाटक प्रोहिबिशन ऑफ क्राइम्स इन द नेम ऑफ ऑनर (Karnataka Prohibition of Crimes in the Name of Honour) , ट्रेडिशन एंड फ्रीडम ऑफ चॉइस इन मैरिज बिल, 2026’ के नाम से एक बिल पारित करने के लिए लंबी बहस हुई थी। दरअसल, मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक ऑनर किलिंग को रोकने के लिए नया विधेयक कानून और संसदीय कार्य मंत्री एच.के. पाटिल (Minister for Parliamentary Affairs H.K. Patil) द्वारा पेश किया गया और ग्रामीण विकास मंत्री प्रियांक खर्गे (Rural Development Minister Priyank Kharge) द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत किया गया।

और पढ़े: BNS Section 332: अपराध करने के मकसद से घर में प्रवेश करना अब पड़ेगा भारी, होगी कठोर सजा

5 साल से लेकर आजीवन कारावास की सजा

जिसे अब पास कर दिया गया। इस बिल को इवा नम्मावा बिल (Eeva Nammaava bill) नाम दिया गया है। इस बिल में कई तरह के प्रावधानो को जोड़ा गया है, जिसमें सबसे पहले जो भी कपल शादी करते है उन्हें 6 घंटे के अंदर पुलिस की सुरक्षा मुहैया कराई जायेगी.. साथ ही ऑनर किलिंग (Honour killing law)के नाम पर हत्या करने या कपल को नुक्सान पहुंचाने की कोशिश के मामले में अब 5 साल से लेकर आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान बनाया गया है।

साथ ही इस तरह के जघन्य अपराधों के लिए कोई जमानत नहीं होगी..अंतरजातीय दंपितयों (Inter-caste couples) के लिए सरकार विशेष हेल्पलाइन मुहैया करायेगी, और अलग के आश्रय दिया जायेगा, ताकि उन्हें प्रताड़ित न किया जा सकें। इस कानून के आने के बाद बहस छिड़ गई है.. ऑनर के नाम पर किलिंग को लेकर क्या वाकई में हत्यायें रूकेंगी?  इसके अलवा आपको बता दें, यह विधेयक केवल हत्या के आरोपों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सम्मान या परंपरा के नाम पर किए गए अपराधों की एक विस्तृत श्रृंखला को भी मान्यता देता है और दंडित करता है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *