Panipat news: हाल ही में हरियाणा के पानीपत से एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। जहाँ एक दलित युवक को इस आधार पर उसकी नौकरी से निकाल दिया गया कि वह दलित समुदाय से ताल्लुक रखता था; इसके अलावा, जब उसने इसका विरोध किया, तो उसे जातिसूचक गालियों से अपमानित किया गया।
दलित होने के कारण दो घंटे बाद ही नौकरी से निकाला
यह बात तो पहले से ही पता थी कि दलितों को आगे बढ़ने नहीं दिया जाता; लेकिन अब तो उन्हें उनकी जाति के आधार पर नौकरियों से भी निकाला जा रहा है। दरअसल हरियाणा (Haryana) के पानीपत (Panipat) से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां दलित जाति से होने के कारण एक युवक को नौकरी पर रखने के मात्र 2 घंटे बाद ही नौकरी से बाहर कर दिया गया। ये मामला पानीपत के बाबरपुर का है, बाबरपुर मंडी निवासी पीड़ित रिजुल कुमार ने बताया कि पानीपत जीटी रोड (Panipat GT Road) स्थित इला होम फैशन कंपनी (Ila Home Fashion Company) में पूरे मैरिट के साथ उसका एचआर (HR) के रूप में सेलेक्शन हो गया था।
जिसके बाद वो जीएम (GM) से मिलने पहुंचा.. जहां जीएम ने केवल उसके उसकी जाति पूछी थी, लेकिन जब वो घर लौट आया तो उसके करीब 2 घंटे बाद ही उसे कंपनी से कॉल आया कि ‘आई एम सॉरी’ शिड्यूल कास्ट (Scheduled Caste) का होने के कारण उसे नौकरी पर नहीं रखा जा सकता है।
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पीड़ित ने कंपनी के मालिक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई
रिजलु तुरंत अपनी बहन के साथ कंपनी पहुंचा और उनसे आगे गिड़गिड़ाया कि उसकी जाति पर नही काबिलियत पर नौकरी पर रखा जाये लेकिन जब मामला बढता गया तो उन लोगो ने उन दोनो को जातिसूचक गालियां दी। वही मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकरी के मुताबिक पीड़ित युवक ने बताया कि कंपनी के मालिक ने साफ कहा कि वो जाति देखकर ही कंपनी में रखते है। इतना ही नहीं पीड़ित युवक ने आगे बताया कि कंपनी के मालिक की माँ ने भी उन्हें जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया।
जिसके बाद पीड़ित ने थाना सेक्टर 13,17 में पहुंचकर कंपनी के मालिक, उसकी मां और कंपनी के कुछ स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया। इसके अलवा आपको बता दें, केवल जाति देखकर नौकरी पर रखने की बात से पूरे इलाके में हड़कंप है अब देखना ये होगा कि पुलिस की कार्य़वाई के बाद क्या पीड़ित को उसकी नौकरी फिर से मिलेगी।



