Top 5 Dalit News: मंदिर में प्रवेश से रोकने से लेकर फर्जी चालान तक, दलितों से जुड़ी 5 बड़ी खबरें

Caste Discrimination, Sonbhadra News
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Top 5 Dalit news: वैसे तो कहने के लिए हम 21वीं सदी में खड़े है, अब जेन जी नहीं जेन अल्फ़ा का टाइम आ गया है, जो इंडिया के विकास ने अहम रोल निभाने वाले है, लेकिन बावजूद इसके जेन जी जातिगत भेदभाव की आंधी से खुद को बचा क्यों नहीं सका। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों से जुड़ी खबरों के बारे में बतायेंगे, जो आपको इस सच्चाई से रूबरू कराएंगे कि आज भी समाज कितनी भी तरक्की कर ले, जब बात जाति की होती है तो जातिवादी बन ही जाते है।

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बीजापुर में आदिवासी युवक के साथ मारपीट

1, दलितों से जुड़ा पहला मामला राजस्थान के बीजापुर से है, जहां एक आदिवासी मजदूर को मामूली बहस के कारण तीन लोगों ने जातिसूचक गालियां देते हुए बुरी तरह से पीटा। ये घटना पाली जिले के बाली उपखंड के अंतर्गत आने वाले नाणा थाना क्षेत्र की है। पीड़ित दयाला राम ने पुलिस को तहरीर दी कि वो एक गरासिया से आते है और लक्ष्मणपुरा जोड़ के दलित बस्ती में रहते है। उनके घर के लोग मजदूरी करके ही चलाते है, इस दौरान उनके बेटे के साथ बाली में तीन जातिवादी युवकों पहले मजदूरी करवा ली और फिर पैसे को लेकर बहस होने लगी, जिससे जातिवादी भड़क गए और उन लोगों ने पीड़ित के बेटे को बुरी तरह से पीटा, साथ ही जातिसूचक गालियां भी दी। इस मामलेनम शिकायत मिलते ही पुलिस सकते में आ गई। वहीं सुमेरपुर डीएसपी जितेंद्र सिंह ने खुद इसकी जांच करने की जिम्मेदारी संभाली है। तीनों आरोपियों की तलाश की जा रहीं है। पीड़ित का मेडिकल कराया गया है जिसकी अभी रिपोर्ट आना बाकी है। वहीं पुलिस घटनास्थल से लेकर साक्ष्यों और तथ्यों की जांच कर रहीं है। हैरानी की बात है कि दलितों को छोड़िए आदिवासी समाज के लोगों को प्रताड़ित करने से नहीं चूकते ये जातिवादी आतंकी।

उड़ीसा में दलित महिलाओं को मंदिर में प्रवेश से रोका

2, दलितों से जुड़ा अगला मामला उड़ीसा के जगतसिंहपुर से है , जहां एक दलित महिला के साथ फिर से मंदिर में जातिगत भेदभाव किया गया औऱ उसे जल चढ़ाने के रोका गया। लेकिन इस घटना के कारण उठे विवाद को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला से भेदभाव करने वाले एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया। ये मामला जगतसिंहपुर के  एरासमा पुलिस थाना क्षेत्र के अतिमाटी गांव का है, पीड़िता के मुताबिक सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए दलित समाज की कई महिलायें भी लाइन में लगी थी, लेकिन तभी मंदिर में मौजूद कुछ जातिवादियो ने उन्हें गालियां देना शुरु कर दिया औऱ मंदिर से निकल जाने को कहा.. इतना ही नहीं उन लोगो ने धमकी दी कि अगर उनलोगो ने बात नहीं मानी तो उन्हें खुद धक्के मार कर निकाल देंगे। पीड़ितो ने तब भी उनकी धमकी पर ध्यान नहीं दिया तो आरोपी सत्य राउत ने 55 साल की दलित महिला पर चाकू से हमला कर दिया.. जिससे उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है, वहीं महिला पर जानलेवा हमला करने के मामले में सत्य राउत को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। एरासमा आईआईसी पार्थसारथी बेउरा के मुताबिक गांव की स्थिति सामान्य है.. आरोपियों के खिलाफ जांच की जा रही है साथ ही किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अब देखना ये होगा कि पुलिस की कार्यवाई क्या रंग लाती है।

लुधियाना में 21 साल पुराने मामले में अब जांच शुरु हुई

3, दलितों से जुड़ा अगला मामला पंजाब के लुधियाना से है, जहां करीब 21 साल में पुलिस कस्टडी में दलित महिला को टॉर्चर करने की जांच अब 2026 में शुरु की गई थी.. कहते है कि भारत की कानून व्यवस्था बहुत लचर है, लेकिन जरा सोचिये कि अगर 21 साल बाद जांच शुरु हुई हो तो न्याय कब मिलेगा। ये घटना जुलाई 2005 की है, जब पीड़िता कुलवंत कौर जो कि लुधियाना के जगराओ की रहने वाली थी, उन्हें पुलिस ने उनकी ही भतीजी की आत्महत्या करने के मामले में पूछताछ करने के लिए कस्टडी में रखा था, जहां उन्हें थर्ड डिग्री ट़ॉर्चर दिया गया था.. इस घटना के वक्त कुलवंत की उम्र मात्र 19 साल की थी और घटना से आहत होने के कारण वो हमेशा के लिए विकलांग हो गई और कुलवंत करीब 16 सालों तक बिस्तर पर ही रही थी, लेकिन 10 दिसंबर, 2021 को 35 वर्ष की उम्र में उसकी मौत हो गई। हैरानी की बात तो ये है कि एक 19 साल की लड़की के साथ पुलिस ने ऐसी बर्बरता की, उसकी पूरी जिंदगू खराब हो गई लेकिन किसी एक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई.. लेकिन अब करीब 21 सालो के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) खुद इस मामले मे पड़ चुका है औऱ वो पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में लग गया है। वहीं अब तक इस मामले में 5 लोगो के बयान भी दर्ज किये है। अब देखना ये होगा कि न्याय के इंतजार में पथराई आंखो में फिर से चमक लौटेगी.. बेटी तो रही नहीं तो क्या न्याय भी अधूरा ही रहेगा।

भीम आर्मी चीफ पहुंचे अलीगढ़

4, दलितों से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद से जुड़ा है, जिनकी बढ़ती लोकप्रियता का आलम ऐसा है कि वो कहीं रैली करें या न करें, वो जहां खड़े होते है कारवां वहीं जुड़ जाता है.. ताजा मामला अलीगढ़ से है, जहा आजाद किसी नीजि काम से गए थे, लेकिन आजाद की आने की खबर सुनकर ही एक बारी जनसैलाब वहां आ पहुंचा। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रही है जिसमें आजाद लोगो को हाथ हिलाकर संबोधित कर रहे है। वहीं सामने भारी भीड़ है जो उनके नाम से नारे लगा रहे है..अक्सर दावे किये जाते है कि रैली के लिए भीड़ पैसे देकर जमा की गई है, लेकिन यहां तो कोई रैली भी नहीं है.. फिर ये भीड़ किस  लिए जमा हो गई.. क्योंकि यहां लोग अपने नेता को देखने पहुंचे थे। जो दलितो औऱ पिछड़ो के उत्थान में अहम भूमिका निभा रहे है। वहीं आजाद की लोकप्रियता ने मौजूदा सरकार की भी कुर्सी हिलाना शुरु कर दिया है। वैसे आपको क्या लगता है कि क्या बीजेपी फिर से यूपी में आय़ेगी या फि आजाद समाज पार्टी इतिहास रखने वाली है।

दलित युवक पर झूठा चालान काटने के मामले में बड़ा खुलासा

5, दलितों से जुड़ा अगला मामला हिमाचल प्रदेश के शिमला से है, जहां एक दलित युवक पर फर्जी तरीके से चालान काटने के मामले में राष्ट्रीय अनूसूचित जाति आयोग के हस्तक्षेप के बाद पुलिस की नाकामी का भंडाफोड़ हो गया है, आयोग के इस मामले में पड़ने के बाद चालान को लेकर एक उच्च स्तरिय जांच की गई, जिसमें दलित युवक पर किया गया चालान पूरी तरह से फर्जी, मनगढ़ंत औऱ मनमाना साबित हुआ। जिसके बाद चालान वापिस लेने के निर्देश दिये गए साथ ही पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे है। ये घटना 14 जून 2025 का है, जब कंडाघाट के कलहोग गांव के रहने वाले पीड़ित मोहित कुमार पर सलोन में गाड़ी चलाते समय मोबाईल का इस्तेमाल करने औऱ मोटर वाहन अधिनियन धारा 184 का उलंघन करने के मामले में चालान काटा था, लेकिन जब इस मामले में जांच की गई तो न पीड़ित के चालान के आसपास के समय में फोन पर बात करने के रिकॉर्ड मिले और न ही स्पीड लिमिट ज्यादा होने के सबूत। जिसके बाद इस मामले के निरक्षण अधिकारी इंस्पेक्टर मुकुल शर्मा को निलंबित कर दिया गया है..पीड़ित के मुताबिक उसके जातिगत तौर पर और मानसिक तौर भी प्रताड़ित किया गया। वहीं आयोग के हस्तक्षेप के बाद मामले को नए सिरे से जांच की जा रही है। ऐसे में देखना ये होगा कि पुलिस की ये लापरवाही थी या सोची समझी साजिश।

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