Top 5 Dalit news: दलितों को अगर झुकाना है तो सबसे पहले उनका आधार ही कमजोर कर दिया जाए , जिसके लिए उन्हें शिक्षा और उनके अधिकारों से ही दूर कर दिया जाए। दलितों को दिए गए आरक्षण पर तो सबकी नजरें थी ही, लेकिन जब आरक्षण को खत्म नहीं करा सकें तो उनकी नौकरियों को ही छीन लिया जाए। तो चलिए आपको इस लेख में पिछले 24 घंटे में दलितों के साथ होने वाली घटनाओं के बारे में जानेंगे जो इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियों में है।
नालंदा में एक नींबू के लिए दलित बच्चे की हत्या
1, दलितों से जुड़ा पहला मामला बिहार के नालंदा जिले से है, जहां पेड़ से गिरे एक नींबू को उठाने से गुस्साए पेड़ के मालिकों ने 12 साल के दलित बच्चे की पीट पीट कर हत्या कर दी। ये घटना नालंदा जिले के सकरावां गांव की है, जहां शुभम कुमार उर्फ झगड़दू एक नींबू के पेड़ के नीचे कंचे खेल रहा था, लेकिन तभी तेज हवा से एक नींबू गिर गया, जिसे नाबालिग ने उठा लिया और घर चला गया, मगर पेड़ के मालिक गोरख मियां ने उसे ऐसा करते देख लिया और गुस्से में बच्चे को अपने दो बेटे के साथ मिलकर पीटना शुरू कर दिया।
इस मारपीट में शुभम को काफी गंभीर चोट आई, जिसके बाद उसे बिहारशरीफ के एक अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। वहीं इस मामले में अस्थावन थाने के अधिकारियों ने बताया कि बच्चे की मौत पर ग्रामीणों में काफी रोष था और उन्होंने आरोपी के घर के बाहर बच्चे का शव रख कर नारेबाजी शुरु कर दी थी..लेकिन पुलिस वालों ने उन्हें शांत करा दिया। वहीं अब तक इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है । मामले की जांच जारी है।
लखनऊ में दबंगो ने दलित परिवार पर किया हमला
2, दलितों से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से है। जहां दलितों को सबक सिखाने के लिए न केवल दलित परिवार के साथ बर्बरता की गई बल्कि उनके पशुओं को बड़ी निर्ममता से आग के हवाले कर दिया। दिल को झकझोर देने वाली ये घटना लखनऊ के मलिहाबाद पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तिलसुवा गांव की है। पीड़ित संतोष कुमार ने बताया कि 15 मार्च 2026 को देर रात चार से पांच लोग तेजधार हथियार और लाठी डंडे लेकर घर के बाहर जातिसूचक गालियां दी। वो लोग लगातार दरवाजा पीट रहे थे।
जिससे डर कर उन लोगों ने दरवाजा नहीं खोला, जिससे गुस्साए दबंगों ने बाहर खड़ी गर्भवती गाय और दो भैंसों को पीटा और फिर मवेशी बाड़े में आग लगा दी। साथ ही धमकी दी कि अगर पुलिस के पास गए तो परिणाम अच्छा नहीं होगा। आरोपियों में बालेन्द्र यादव उर्फ नितिन और अभय यादव समेत 5 लोग थे। इस मामले में पीड़ित परिवार ने स्थानीय थाने में शिकायत भी की लेकिन दो महीने होने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई तो मलिहाबाद के एसीपी सुजीत कुमार दुबे के आमने अर्जी दी गई जिसके बाद उन्होंने जांच के आदेश जारी किए है। पुलिस इस मामले की सख्ती से जांच शुरू कर चुकी है ऐसे में देखना ये होगा कि क्या दलित परिवार को न्याय मिलेगा।
राजस्थान लोक सेवा आयोग में घोटाले का पर्दाफाश
3, दलितों से जुड़ा अगला मामला राजस्थान से है जहां राजस्थान लोक सेवा आयोग में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में SC/ST वर्ग के आरक्षण में भारी घोटाला करने का मामला सामने आया है। इस मामले का खुलासा एक आंबेडकरवादी और सामाजिक कार्यकर्ता अशोक मेघवाल ने किया है। उन्होंने बताया कि कैसे कुल 922 पदों में से 450 पदों पर एससी एसटी और ओबीसी वर्ग को दिया जाना था लेकिन सरकार ने बड़ी घपलेबाजी करते हुए केवल 321 पद ही दिये गए है जबकि वहीं दूसरी तरफ सरकार ने EWS को 92 पदों की जगह 176 पद दिए गए हैं। शिकायतकर्ता ने राज्य के सीएम भजन लाल को घेरते हुए सवाल उठाये है।
साथ ही इस बात का भी अफसोस जाहिर किया है कि उच्च शिक्षा मंत्री डॉ प्रेम बैरवा खुद SC वर्ग से आकर भी RSS के दबाव में कुछ नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दलितों और पिछड़ो के अधिकारों के साथ की जा रही ये धांधली सामाजिक न्याय हिस्सेदारी व भागीदारी की भावना के साथ खिलवाड़ है। वहीं उन्होंने ऐलान किया है कि वो इस मामले में RPSC में RTI दायर करेंगे। वो किसी भी हाल में डॉ बाबा साहेब अंबेडकर के दिए अधिकारों को ऐसे खत्म नहीं होने देंगे। ये पहली बार नहीं है जब दलितों पिछड़ो की नौकरियों के साथ ये घपलेबाजी सामने आई है, लेकिन सवाल ये है कि आखिर ये अन्याय किसकी शय पर किया जा रहा है।
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी के बिगड़े बोल
4, दलितो से जुड़ा अगला मामला उत्तर प्रदेश से है, जहां एक तरफ समाजवादी पार्टी दलितों को भुनाने के लिए पीडीए लाकर उन्हें लुभाने की कोशिश कर रही है वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने जाट गुर्जर समाज को लेकर बेहद सनसनीखेज विवादित बयान दिया है। भाटी ने सीधे तौर पर जाट और गुर्जर समुदाय को टारगेट करते हुए उनकी महिलाओं का अपमान किया औऱ कहा कि एक पत्नी के कई पति हों, ये जाट-गुज्जरों में ही होता है… यानि की इशारा साफ है कि जाट गुर्जर ऐसा समुदाय है जहां बहुल पति रखने का रिवाज है.. जबकि कानून इसकी इजाजत नहीं देता है। वहीं जाट गुर्जरों का नाम लेकर महाभारत काल में द्रोपदी के पांच पति थे, उससे कंपेयर कर दिया है।
वहीं किसी जाति विशेष को टारगेट करने के कारण लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोगो ने पूछा कि किसी एक जाति को इस तरह से टारगेट करके आखिर प्रवक्ता साबित क्या करना चाहते है। बता दें कि अभी हाल ही में राजकुमार भाटी ने ब्राह्मण समाज को भी टारगेट करके आपत्तिजनक विवाद दिया था, ऐसा लगता है कि जैसे वो किसी और जाति विशेष को कुछ करना चाहते है, या इस तरह टिप्पणी कर के सपा का चुनावी समीकरण बिगाड़ने की कोशिश कर रहे है। आपको क्या लगता है हमें कमेंट करके जरूर बतायें।
भीम आर्मी चीफ ने सत्ताधारियों को लपेटा
5, दलितों से जुड़ा अगला मामला भीम आर्मी चीफ चंद्र शेखर आजाद को लेकर है, जिन्होंने अपनी चुनावी रैली में बीजेपी की बखिया उधेड़ते हुए दलितों और पिछड़ो को जागरूक करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि आपसे कहा जा रहा है कि हिंदुओ को बचाना है इसलिए मुसलमानों से दूर रहना है, लेकिन संविधान में 20 प्रतिशत अधिकार मिले है। यानि की मुसलमान इस देश का हिस्सा है।
लेकिन सत्ता में बैठे लोग शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा और बेहतर बनाने के लिए, रोजगार कैसे बढेगा, किसानों को ज्यादा लाभ कैसे होगा और महिलाओं का सशक्तीकरण कैसे होगा इस मुद्दे पर कभी आपसे बात नहीं करेंगे, बल्कि वो हिंदुओ का नाम लेकर आपको बरगलायेंगे। मूल मुद्दों से दूर करके केवल धार्मिक सौहार्द बिगाड़ कर अपनी राजनीतिक रोटिंया सेंकेंगे। जिससे अब जनता को जागरूक होना चाहिए.. वैसे आजाद की बात से आप कितना सहमत है हमें कमेंट करके जरूर बतायें।



