Chandrashekhar Azad: हाल ही में भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद के बारे में खबर आई है कि वे उन छात्रों के लिए न्याय की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं, जो पिछले तीन दिनों से संसद के बाहर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने छात्रों के हितों से जुड़ी मांगें सरकार के सामने रखी हैं और उन्हें पूरा करने की मांग की है।
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चंद्रशेखर आजाद की चेतावनी
एक तरफ सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 26वें दिन खत्म हो गई, लेकिन इस घटना ने देश के युवाओं के मन में कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह आंदोलन अब पूरी तरह थम जाएगा? भले ही प्रधानमंत्री मोदी ने कल देर रात एक वीडियो जारी कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया हो, लेकिन इसके बावजूद भी भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने छात्रों के लिए न्याय की मांग की है। वहीं आजाद को राजस्थान के नागौर से सांसद और दलित हितो के लिए लड़ने वाले नेता हनुमान बेनीवाल का भी साथ मिल गया है।
साथ ही भारतीय आदिवासी पार्टी (Bharatiya Tribal Party) के सांसद राजकुमार राउत (MP Rajkumar Raut) भी उनके साथ नजर आये। आजाद ने पहले ही चेतावनी जारी की थी कि जंतर मंतर पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिस वालों पर कार्यवाई नहीं होता और सरकार जल्द कोई फैसला नहीं करती तो वो 25 जुलाई को देश भर में बड़ा आंदोलन करेंगे।
पहला—धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा हो
दूसरा—जो कर्मचारी पुलिस प्रोटेस्ट मै बचियो के साथ गलत जो किए उन सभी पर कार्रवाई हो
तीसरा— चाहे नाराज़ होकर या हालात को देखते हुए युवाओं कि मांग तो मोदी जी मानना ही पड़ेगा 💯💯@BhimArmyChief pic.twitter.com/KXEjJVfFSC
— M Raza (@mraza54108) July 23, 2026
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शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए
वहीं उन्होंने खुद भी भूख हड़ताल पर बैठने की धमकी दी है, वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने फेसबुक लाइव आकर नीट परिक्षा को लेकर चर्चा की थी, जिसमें उन्होंने कई कानूनों को लेकर भी चर्चा की थी, जिसे लेकर आजाद ने पीएम को घेरा है। उन्होंने कहा कि जो भी कानून आप बनाने की बात कर रहे वो तो जब आयेगा तब आयेगा, लेकिन अभी जो हालात है उसपर उनका क्या फैसला है।
उन्हें शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए, छात्रो पर कार्यवाई करने वाले पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी, चाहे हंस कर चाहे रो कर सरकार को हमारी मांगे माननी पड़ेगी, नहीं तो आने वाले समय में मार्च होंगे, जेल भरो आंदोलन होंगे, राज्य स्तर पर आंदोलन होंगे और तब भी नहीं माने तो भारत बंद आंदोलन होगा। आजाद ने सरकार को 15 दिनो का समय दिया है कोई फैसला लेने के लिए.. अब देखना ये होगा कि क्या सरकार वाकई में झुक जायेगी।



