Yogi Adityanath: 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव अब सर पर है, और आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए जाहिर सी बात है कि पक्ष हो या विपक्ष नए नए लुभावने वादों और इरादों से जनता को शीशे में उतरने की कोशिश में है, इस दौरान यूपी की सत्ता पर पिछले एक दशक से विराजमान सीएम योगी आदित्यनाथ भी अपने पुराने तीखे अंदाज में ही विपक्ष को लपेट रहे है।
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योगी आदित्यनाथ का दलित-मुस्लिम बयान
ताजा मुद्दा उठा है बिजनौर से, जहां पिछले 45 दिनों में सीएम दूसरी बार दौरा करने पहुंचे है, लेकिन इस बार उन्होंने दलित मुस्लिम गठजोड़ कर सत्ता का सपना देखने वालो पर तीखा प्रहार किया, इतना ही नहीं कभी भारत को धोखा देकर मंत्री बनने के लालच में पाकिस्तान गए पूर्व नेता योगेंद्र नाथ मंडल का नाम लेकर बुरी तरह से घेरा है। जानते है कि सीएम योगी ने ऐसा क्या कहा, जिसकी चर्चा राजनैतिक गलियारों में विवाद का विषय बन गई है।
दरअसल 2025 में बिहार में बीजेपी ने दलित कार्ड खेला था और एनडीए को प्रचंड जीत मिली.. मगर उत्तर प्रदेश में दलितो की स्थिति पर जो आकड़े आते रहते है उसके बाद बीजेपी के लिए दलित कार्ड खेलना आसान नहीं है। जिसका फायदा, जाहिरहै विपक्ष तो उठायेगा। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने 2024 लोकसभा चुनावों में अपनाये अपने एजेंडे पीडीए, यानि की पिछड़ा, दलित औऱ अल्पसंख्यक को एकजुट करके बीजेपी को कड़ी टक्कर दी थी , इसलिए वो यूपी विधानसभा चुनावों में भी पीडीए एजेंडे पर ही चल रहे है। बीजेपी के उम्मीदवार के खिलाफ चुनावी क्षेत्र से सबसे ताकतवक और मजबूत जातिगत उम्मीदवार उतार कर पहले ही अपनी बेहतरीन चाल का प्रदर्शन कर चुके है, तो वहीं कांग्रेस ने दलितों औऱ पिछड़ो को अपने पाले में लाने के लिए अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अंबेडकरवादी चेहरे राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश का नया प्रभारी बना दिया गया।
मुसलमान चेहरो को प्रत्याशी बना कर खड़ा किया
वहीं उनसे सीधे संपर्क साधने के लिए दलित सहभोज जैसे सामाजिक संपर्क अभियान के जरिए घर घर पहुंच बना रहे है। साथ ही मजबूत मुसलमान चेहरो को प्रत्याशी बना कर खड़ा किया जा रहा है, ऐसे बयान दिये जा रहे है, जिससे दूसरी पार्टियों पर दवाब बने। कांग्रेस खुद की छवि ऐसी बनाने की कोशिश कर रही है कि दलित हो या अल्पसंख्यक, कांग्रेस हर मुद्दे पर खुल कर बात करती है। दलितों औऱ अल्पसंख्यकों से जुड़े शैक्षिणिक संस्थानो के मुद्दे पर भी कांग्रेस खुल कर बोलती है, जो एक अच्छी रणनीति है युवाओं को साधने की। वहीं लगभग खत्म हो चुकी बसपा भी फिर से पुरानी रणनीति अपना कर दलित और अल्पसंख्यक प्रत्याशियो को ही मैदान में उतार रही है, विशेष भाईचारा कमेटियां बना कर मुसलमानों और दलितो को एक ही कसौटी पर साधा जा रहा है।
चंद्रशेखर आजाद की सत्ता परिवर्तन यात्रा
वहीं आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद की सत्ता परिवर्तन यात्रा को तो इग्नोर नहीं किया जा सकता है.. आज के समय में यूपी में सबसे बड़े दलित नेता बन चुके है.. यानि की 2027 के लिए विपक्ष की तैयारी पूरे जोरो शोरो पर है,, लेकिन इन तैयारियों का जमकर मजाक बनाया है सीएम योगी आदित्यनाथ ने… जी हां, पिछले 45 दिनों में वो दूसरी बार बिजनौर पहुंचे, हिंदूवाद का राग अलापने वाली बीजेपी मौका आने पर बाबा साहब अंबेडकर का भा राग अलापती है.. ऐसा ही यहां भी हुआ.. सीएम योगी ने दलित और मुसलमानों की गठजोड़ की राजनीति करने वालों पर तीखा हमला किया, जिसमें सबसे ज्यादा उन्होंने कांग्रेस को ही घेरा.. उन्होंनो एक पूर्व नेता योगेंद्र नाथ मंडल का नाम लेते हुए कहा कि राजनीति में फिर से कुछ लोग दलित मुस्लिन गठोड़ औऱ भाईचारे का नाम लेकर योगेंद्र नाथ मंडल बनने आए है, वो भी भाईचारे की मिशाल बनने के लिए भारत को धोखा देकर पाकिस्तान चले गए थे।
बांग्लादेश में दलितो की स्थिति इतनी दयनीय
क्योंकि वहां उन्हें मंत्री पद जो मिलने वाला था, लेकिन हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि भारत का बंटवारा भी कांग्रेस के पाप के कारण हुआ था, जिसका सबसे ज्यादा खामियाजा सिखों और दलितो को ही उठाना पड़ा था। सीएम योगी ने योगेंद्र मंडल को पापी कहते हुए कहा कि उनके पाप के कारण आज बांग्लादेश में दलितो की स्थिति इतनी दयनीय है। बाबा साहब और योगेंद्र नाथ मंडल दोनो ही दलितो का चेहरे थे, लेकिन उन्होंने लालच को चुना, मगर क्या उनके पाकिस्तान जाने से दलितों का कत्लेआम रुका.. नहीं यहां तक कि उनके शिक्षा मंत्री बनाये जाने के कारण पाकिस्तान की जनता इतनी नाराज थी कि उन लोगो ने दलितों का सरेआम कत्लेआम किया, और योगेंद्र मंडल ने क्या किया वो भाग कर वापिस भारत आये और छिप कर गुमनामी में रहने लगे।
मगर दलितो के शोषण की नींव तो पहले ही रखी जा चुकी थी। सीएम योगी ने कहा कि जो बाबा साहब का नाम लेकर योगेंद्र मंडल वाले काम कर रहे है उन्हे जाति के नाम पर लड़वाना बंद कर देना चाहिए। दलित समाज को बहका कर सामाजिक तानाबाना खत्म करने की साजिश की जा रही है.. सीएम योगी ने सीधे तौर संदेश दिया कि दलितों और मुसलमानो को एकजुट करने की बात करने वाले असल में उन्हें एक दूसरो से दूर करना चाहते है जिसे जनता को समझना जरूरी है। वैसे आपको क्या लगता है क्या सीएम योगी की बात है।



